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हाईवे किनारे खोखले पेड़ों से परेशानी, एक सप्ताह में दो गिरे

3 वर्ष पहले
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निंबोला | इंदौर-इच्छापुर हाईवे किनारे खोखले पेड़ों के कारण दुर्घटना हो सकती है। निंबोला से झिरी के बीच 10 से ज्यादा ऐसे कमजोर पेड़ खड़े है। जो तेज हवा चलने पर गिर सकते हैं। हाईवे होने के कारण वाहन चालक, राहगीर चपेट में आ सकते हैं। पिछले एक सप्ताह में दो पेड़ गिर चुके है। इसमें बस के यात्री और राहगीर बचे। अब इन पेड़ों को हटाने की मांग की जा रही है। एक सप्ताह में नवलसिंह शकर कारखाने के पास गुलमोहर और निंबोला-झिरी के बीच मित्र मराठा ढाबे के पास नीम का पेड़ गिरा। नीम का पेड़ गिरने के दौरान बस निकल रही थी। बस निकलते ही पेड़ गिरने से हड़कंप मच गया। यात्री बच गए। पेड़ बस पर गिरता तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। पेड़ नीचे से खोखले हो चुकी है। इनमें दरारें नजर आ रही है। पिछले कुछ सालों में और भी पेड़ गिर चुके है। बावजूद इसके जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वाहन चालकों ने कहा दुर्घटनाओं से बचने के लिए पेड़ों को हटाया जाना जरूरी है। इंदौर-इच्छापुर हाईवे से हर दिन 3000 से ज्यादा वाहन निकल रहे हैं। इनमें ट्रक, बस, कार, बाइक सहित अन्य वाहन शामिल हैं। वाहन चालकों का कहना है लगातार यातायात चलता है। इसलिए कमजोर पेड़ों को हटाना जरूरी है।

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