हड़ताल रद्द किए जाने पर माले 17 को धिक्कार दिवस मनाएगा
कोल-माइंस वर्कर्स यूनियन के महासचिव शुभेंदु सेन ने शनिवार को कहा कि 16 अप्रैल को आहूत कोल-इंडिया व्यापी हड़ताल को वापस लिए जाने का निंदा करते हुए जेबीसीसीआई के क्रिया-कलापों पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि कोयला उद्योग का वाणिज्यीकिकरण किया जाना मजदूरों के साथ केंद्र सरकार व कोयला मंत्रालय का सबसे बड़ा घोटाला है। केंद्र व कोयला मंत्रालय सोची समझी साजिश के तहत कोल-इंडिया को निजी हाथों में धकेलने को लेकर कॉमर्शियल माइनिंग एक्ट को लागू करवाना चाहती है। इसके विरोध में सभी ट्रेड यूनियनों ने 16 अप्रैल को कोलइंडिया इंडिया व्यापी हड़ताल का आयोजन किया था। परंतु जेबीसीसीआई के सदस्यों ने निजी स्वार्थ में हड़ताल रद्द कर दिया। सीएमडब्ल्यू इसका विरोध करता है। 17 को जेबीसीसीआई की यूनियनों के दोहरी रवैये के विरोध में कोलियरियों में धिक्कार दिवस मनाएगा।