पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • हारा पारा, जीता वोटरों का उत्साह चिरकुंडा में 59% हुआ मतदान

हारा पारा, जीता वोटरों का उत्साह चिरकुंडा में 59% हुआ मतदान

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज|निरसा/ चिरकुंडा / कुमारधुबी

चिरकुंडा नगर परिषद का चुनाव सोमवार को छिटपुट घटनाओं को छोड़ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। वोटरों का उत्साह भीषण गर्मी पर भारी दिखा। सुबह 7 बजे से ही बूथों पर वोटरों की कतार लगनी शुरू हो गई थी। शुरूआत थोड़ी धीमी रही, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही वोटिंग प्रतिशत में इजाफा होता गया। चिरकुंडा में कुल 59.43 फीसदी मतदान हुआ है। मतदान संपन्न होने के बाद माइनिंग इंस्टीच्युट में मीडिया से बात करते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त ए दोड्डे ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। रुपए दिखाने के आरोप में चार युवकों को हिरासत में लिया गया है, उसकी जांच की जा रही है। आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। चिरकुंडा में दो-तीन बूथों पर ईवीएम में खराबी आई, तो उन्हें बदल दिया गया। सभी ईवीएम को सील कर स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखवा दिया गया है। 20 अप्रैल को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी। मतदान के दौरान भाजपा के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार जयप्रकाश सिंह और निरसा पुलिस निरीक्षक आपस में भिड़ गए। माहौल बिगड़ता, उससे पहले ही लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को शांत कराया। गड़बड़ी के आरोप में कुल 13 लोगों को हिरासत में लिया गया। उन्हें मतदान समाप्त होने के बाद छोड़ गया। इसके साथ ही चिरकुंडा नगर परिषद के चुनाव में किस्मत आजमाने उतरे 132 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई।

चिरकुंडा के जेकेआरआर हिन्दी स्कूल में मतदान के लिए अपनी बारी का इंतजार करते वोटर।

चिरकुंडा के जेकेआरआर हिन्दी स्कूल में मतदान के बाद निशान दिखातीं इसकी सभी सदस्य।

दिव्यांगता पर भारी दिखा लोकतंत्र का उत्साह

लोकतंत्र का उत्साह दिव्यांगता पर भारी पड़ा। सोमवार को मतदान के दौरान चिरकुंडा के कई बूथों पर ऐसे मतदाता वोट डालने पहुंचे, जो चलने-फिरने में असमर्थ थे। हाथ-पैरा काम नहीं कर रहा है, लेकिन लोकतंत्र के महापर्व में शामिल होने का जुनून था। सुंदरनगर निवासी सुधाकर गोराई का दाहिना हाथ और पैर ट्रेन की चपेट में आने से कट गया था। फिर भी सोमवार को वे बूथ संख्या 19 पर मतदान करने पहुंचे। मतदान के बाद उन्होंने कहा कि शहर की सरकार बनानी है, तो जिम्मेवारी तो निभानी पड़ेगी। सरस्वती मुखर्जी भी अपने भाई के साथ बैसाखी लेकर वोट डालने पहुंचीं। लकवा से ग्रसित 80 वर्षीय महातम सिंह भी पूरे उत्साह में दिखे।

सुरक्षा का था पुख्ता इंतजाम

चिरकुंडा में सभी 42 मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया था। डीसी, एसएसपी, डीडीसी के साथ-साथ जोनल दंडाधिकारी सह एसडीओ डटे हुए थे। सभी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर एसआईएसएफ और जिला बल के जवानों को तैनात किया गया था। सभी बूथ पर वोटरों को पर्ची उपलब्ध कराने के लिए बीएलओ को भी लगाया गया था। मतदान के दौरान कुल चार लोगों को रुपए बांटने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। ग्रामीण एसपी से बकझक करने के आरोप में शेरू खान, इरफान खान, सद्दाम हुसैन को पकड़ा गया, जिन्हें बाद में बांड लिखवाकर छोड़ दिया गया।

कई बूथों पर ईवीएम ने दिया धोखा

मतदान शुरू होने के साथ ही ईवीएम की गड़बड़ियां सामने आने लगीं। इस वजह से कुछ बूथों पर मतदान देर से शुरू हुआ। बूथ संख्या 4 में पार्षद पद की ईवीएम का बीप पोलिंग के बाद भी नहीं बज रहा था। इस पर पोलिंग एजेंट ने हो-हल्ला किया। उसे ठीक कर दिया गया। इसी तरह बूथ संख्या 17 में लगी ईवीएम में अध्यक्ष पद वाला एलईडी नहीं जल रहा था। वहां 10 मिनट तक वोटिंग बाधित रही। गड़बड़ी को ठीक करने के बाद मतदान शुरू हुआ। दोपहर 12 बजे तक मतदान की रफ्तार थोड़ी धीमी रही। उसके बाद पोलिंग में तेजी आई।

वोट देने के बाद सेल्फी लेते प्रत्याशी डबलू बाउरी।

सीमाएं सील रहने से राहगीरों को हुई परेशानी

चुनाव के सिलसिले में झारखंड-बंगाल की सीमाएं सील रहने के कारण सोमवार को आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिक परेशानी ऑटो के नहीं चलने के कारण लोगों को उठानी पड़ी। लोगों को बराकर पुल पैदल चल कर पार करना पड़ा। निजी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध नहीं था, लेकिन उनकी भी जांच की जा रही थी।

निरसा के एक बूथ पर लगी वोटरों की कतार और सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी।

पैर फ्रेक्चर होने के बावजूद लाठी के सहारे मतदान करने पहुंचीं सरस्वती।

कैमरे की नजर में चुनाव

खबरें और भी हैं...