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बिजली बिल में वृद्धि के खिलाफ वामदलों ने निरसा प्रखंड मुख्यालय में दिया धरना

3 वर्ष पहले
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निरसा प्रखंड मुख्यालय पर मंगलवार को बिजली बिल में बढ़ोतरी के विरोध में वामदलों ने राज्य सरकार के विरोध में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। धरना की अध्यक्षता मासस के टूटून मुखर्जी व संचालन मनोरंजन मल्लिक ने किया। इस दौरान लोगों ने रघुवर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। धरना समाप्ति के बाद एक प्रतिनिधिमंडल बीडीओ से मिलकर बढ़ते बिजली दरों में रोक लगाने के लिए ऊर्जा मंत्री के नाम पत्र सौंपा। धरना को संबोधित करते हुए मासस के निरसा प्रखंड अध्यक्ष टूटून मुखर्जी ने कहा कि बीते दो वर्षों से 24 घंटे बिजली देने का दावा करनेवाले प्रदेश के मुख्यमंत्री रघुवर दास आमजनों पर बढ़ते बिजली दरो का बोझ लाद दिया है। साथ ही लोगों के बिजली दरो में काफी इजाफा किया जा रहा है। शहरी क्षेत्र में 58 प्रतिशत व ग्रामीण क्षेत्र में 47 प्रतिशत बिजली दरो में बढ़ोतरी की जा रही है। वहीं कारपोरेट घरानों के लिए मात्र 7 प्रतिशत ही बिजली दरों में इजाफा किया जा रहा है। बिजली बिल का सबसे बड़ा बकाएदार कॉपोरेट घराने हैं। इसके बावजूद बिजली दरों में छूट उन्हें ही मिलती है। आम उपभाक्ताओं को कभी भी बिजली बिल में माफी नहीं मिलती। वहीं कॉरपोरेट घरानों के करोड़ों के बकाए को माफ कर दिया जा रहा है। 24 घंटे में बिजली ट्रांसफार्मर मरम्मत के दावे किए जाते हैं। परन्तु निरसा क्षेत्र में दो सप्ताह से अधिक समय ट्रांसफार्मर मरम्मत में लगता है।

बिजली दरों में बढ़ोतरी के विरोध में प्रखंड मुख्यालय में धरना देते वाामदल।

भास्कर न्यूज|निरसा

निरसा प्रखंड मुख्यालय पर मंगलवार को बिजली बिल में बढ़ोतरी के विरोध में वामदलों ने राज्य सरकार के विरोध में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। धरना की अध्यक्षता मासस के टूटून मुखर्जी व संचालन मनोरंजन मल्लिक ने किया। इस दौरान लोगों ने रघुवर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। धरना समाप्ति के बाद एक प्रतिनिधिमंडल बीडीओ से मिलकर बढ़ते बिजली दरों में रोक लगाने के लिए ऊर्जा मंत्री के नाम पत्र सौंपा। धरना को संबोधित करते हुए मासस के निरसा प्रखंड अध्यक्ष टूटून मुखर्जी ने कहा कि बीते दो वर्षों से 24 घंटे बिजली देने का दावा करनेवाले प्रदेश के मुख्यमंत्री रघुवर दास आमजनों पर बढ़ते बिजली दरो का बोझ लाद दिया है। साथ ही लोगों के बिजली दरो में काफी इजाफा किया जा रहा है। शहरी क्षेत्र में 58 प्रतिशत व ग्रामीण क्षेत्र में 47 प्रतिशत बिजली दरो में बढ़ोतरी की जा रही है। वहीं कारपोरेट घरानों के लिए मात्र 7 प्रतिशत ही बिजली दरों में इजाफा किया जा रहा है। बिजली बिल का सबसे बड़ा बकाएदार कॉपोरेट घराने हैं। इसके बावजूद बिजली दरों में छूट उन्हें ही मिलती है। आम उपभाक्ताओं को कभी भी बिजली बिल में माफी नहीं मिलती। वहीं कॉरपोरेट घरानों के करोड़ों के बकाए को माफ कर दिया जा रहा है। 24 घंटे में बिजली ट्रांसफार्मर मरम्मत के दावे किए जाते हैं। परन्तु निरसा क्षेत्र में दो सप्ताह से अधिक समय ट्रांसफार्मर मरम्मत में लगता है।

वामदलों ने दी उग्र आंदोलन करने की चेतावनी

घंटों बिजली गुल रहने के बावजूद हमारे मुख्यमंत्री सभी मंचों से 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने के दावे करते हैं। परंतु जर्जर बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए कोई पहल नहीं करते। खोखली घोषणाओं को छोड़ मुख्यमंत्री धरातल पर काम करे। आमजनों पर लादे गए बिजली दरो में बढ़ोतरी को अविलंब वापस लिया जाए वरना वामदल उग्र आंदोलन को विवश होगा। मौके पर जिप सदस्य दिल मोहम्मद, आगम राम, बापिन घोष, संतोष घोष, कालू रवानी, कृष्णा सिंह, नागेंद्र कुमार, अजीत कुमार मिश्रा, माया लायक, ममता दे, शिवानी दास आदि ने संबोधित किया।

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