26 के बाद एमपीएल में कभी भी हो सकता है चक्का जाम
एमपीएल में शेष बचे विस्थापितों के नियोजन के सवाल पर विधायक अरूप चटर्जी समर्थित विस्थापित गुट द्वारा किये गए आंदोलन के दौरान प्रबंधन द्वारा दिए गए आश्वासन के बावजूद पंद्रह लोगों को तत्काल नियोजन तो दूर आश्वासन दिए हुए एक माह बीत गया। इसके विरोध में विधायक अरूप चटर्जी समर्थित विस्थापितों द्वारा 17 मई को एमपीएल का चक्का जाम का आंदोलन जिला प्रशासन के आग्रह पर स्थगित कर दिया गया है। परंतु 26 मई के बाद नियोजन के सवाल पर विस्थापित कभी भी एमपीएल में अनिश्चितकालीन चक्का जाम कर सकते हैं। उक्त बातें विधायक अरूप चटर्जी समर्थित विस्थापितों के प्रतिनिधि सह मासस नेता अमल मिश्रा ने बुधवार को कही। उन्होंने कहा कि, बीते तीन वर्षों से विस्थापित नियोजन के सवाल पर भूख हड़ताल, धरना- प्रदर्शन व आंदोलन करते आ रहे हैं, परंतु एमपीएल प्रबंधन सिर्फ आश्वासन ही दे रही है। कोई कारगर कदम नहीं उठा रही है। अप्रैल माह में दो दिनों के अनिश्चितकालीन चक्का जाम के दौरान भी प्रबंधन ने तत्काल पंद्रह विस्थापितों के नियोजन का आश्वासन दिया था। दुर्भाग्य की बात है कि, शेष बचे विस्थापितों का नियोजन तो दूर पंद्रह लोगों को भी नियोजन नहीं दिया गया। अगर शेष बचे विस्थापितों के नियोजन को लेकर प्रबंधन ने कोई कारगर कदम नहीं उठाया तो 26 मई के बाद कभी भी अनिश्चितकालीन एमपीएल का चक्का जाम कर दिया जाएगा|