खदानों का निजीकरण करना मजदूरों के साथ धोखा: ढुल्लू
देशव्यापी कोल-इंडिया हड़ताल को सफल बनाने को लेकर यूनाइटेड कोल-वर्कर्स यूनियन की ओर से बैजना कोलियरी परिसर में सभा आयोजित की गई। सभा में मुख्य वक्ता एटक के केंद्रीय सचिव सह बाघमारा के भाजपा विधायक ढुल्लू महतो उपस्थित थे। इस दौरान लोगों ने देवियाना गेट से ढुल्लू को मोटरसाइकिल जुलूस की शक्ल में कार्यक्रम स्थल तक ले गए। यहां लोगों ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया। सभा को संबोधित करते हुए ढुल्लू महतो ने कहा कि खदानों के निजीकरण के समय मजदूरों पर हो रहे शोषण व अत्याचार को देख तत्कालीन केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया था। 70 के दशक में तत्कालीन प्रधानमंत्री ने रातों-रात कोयला खदानों को निजीकरण से मुक्त कर सरकारीकरण किया था। इसके बाद मजदूरों का शोषण बंद हुआ तथा उन्हें उसका हक व अधिकार मिला। परंतु दुर्भाग्य है कि केंद्र सरकार पुनः मजदूरों को निजीकरण के हाथों धकेलने की साजिश रच रही है। केंद्र सरकार एक साजिश के तहत कॉमर्शियल माइनिंग एक्ट लागू कर निजी घरानों के हाथों कोयला उद्योग को बेचना चाहती है। मजदूर एकजुट होकर देशव्यापी कोल-इंडिया हड़ताल को सफल बना केंद्र सरकार को मुंहतोड़ जवाब देने का काम करेगी।
बैजना में आयोजित सभा में बाघमारा विधायक ढुल्लू को माला पहनाते लोग।
एक क्षेत्र दो सभाएं, एक में केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया, तो दूसरे सभा में जनता से मांगी गई वोट
राजनीति में कुछ भी संभव हो सकता है। लोकतंत्र में राजनेता के चरित्र का मूल्यांकन को अहम विषय बनाना चाहिए। परंतु विषयों से भटक राजनेता अपनी राजनीतिक लाभ के लिए सभी सीमाओं को लांघने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। ऐसा ही एक वाक्या निरसा विधानसभा में देखने को मिला। यहां एक विधानसभा में बाघमारा के भाजपा विधायक ढुल्लू महतो की दो-दो सभाएं होनी थी। पहली सभा में उन्होंने कोल-कर्मियों को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार को कॉमर्शियल माइनिंग एक्ट के सवाल पर कोशा। वहीं दूसरी ओर चिरकुंडा नगर पंचायत चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान को लेकर लोगों के बीच केंद्र सरकार की योजनाओं को बता वोट मांगी।