पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • राजा कोलियरी की क्वारी से जगी उत्पादन की उम्मीद

राजा कोलियरी की क्वारी से जगी उत्पादन की उम्मीद

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
ईसीएल के तकनीकी निदेशक एसके झा रविवार को ईसीएल मुगमा क्षेत्र का निरीक्षण को पहुंचे। उनके आगमन को लेकर महाप्रबंधक के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने मुगमा मोड़ पर उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद वर्षों से बंद पड़ी राजा कोलियरी क्वारी के निरीक्षण को पहुंचे। इस दौरान उक्त क्वारी में लगे मोटर पंपों का निरीक्षण किया तथा प्रतिदिन निकाले जाने वाले पानी निकासी की व्यवस्था को देखा। वहीं क्वारी में पानी के स्तर को घटता देख मुगमा क्षेत्र के अधिकारियों के कार्य प्रति लगनता के लिए उन्हें बधाई दी। साथ ही उक्त क्वारी से दो माह के अंदर टेंडर प्रक्रिया पूरा कर उत्पादन शुरू करवाने की बात कही। ईसीएल मुगमा क्षेत्र की राजा कोलियरी की बंद क्वारी को पुनः शुरू होने से एक बार फिर उसकी रौनक आएगी। राजा कोलियरी की बंद क्वारी के साथ साथ बंद कालीमाटी सिम को भी ओसीपी बनाया जाएगा। इसमें स्थानीय लोगों को भी प्राथमिकता के आधार पर नियोजन की उम्मीद बनती दिख रही है। प्रबंधन के अनुसार उक्त ओसीपी से 20 वर्षों तक कोयले का उत्पादन किया जाएगा। मौके पर सत्यजीत कुमार, जीपी यादव, रामचंद्र नायक, अखिलेश राम, काजल चटर्जी, एसपी गोस्वामी, एस.भट्टाचार्य आदि थे।

राजा कोलियरी की बंद क्वारी का निरीक्षण करते तकनीकी निदेशक व साथ में अन्य।

28 लाख टन कोयले का है भंडार: सदानंद सुमन

मौके पर मुगमा क्षेत्र के महाप्रबंधक सदानंद सुमन ने कहा कि बंद राजा कोलियरी एक समय मुगमा क्षेत्र के विशाल ओसीपी में से एक था। परंतु 20 वर्ष पूर्व पुसोई नदी में आई बाढ़ के कारण उक्त ओसीपी जलमग्न हो गया था। ईसीएल मुख्यालय के निर्देश पर बीते एक वर्षों से उक्त क्वारी से पानी निकासी की जा रही है। ईसीएल मुगमा क्षेत्र में कोयले के भंडार को बढ़ाने के लिए यह सबसे बड़ी योजना है। वर्तमान में राजा कोलियरी क्वारी में 28 लाख टन कोयले का भंडार है।

खबरें और भी हैं...