- Hindi News
- National
- मां कर्ज में डूबी थी, लोगों ने उधारी देने से किया मना, थाने ने गोद लेकर कराई बेटी की शादी
मां कर्ज में डूबी थी, लोगों ने उधारी देने से किया मना, थाने ने गोद लेकर कराई बेटी की शादी
भास्कर न्यूज | निवाई/ दत्तवास
अक्षय तृतिया पर दतवास थाना पुलिस ने बुधवार को राज्य पुलिस का सिर ऊंचा कर दिया। पुलिस ने एक दलित बेटी को ममता को गोद लेकर उसकी शादी का बीड़ा उठाया। ममता की मां कर्ज में डूबी थी, लाेगों ने उसे और उधारी देने से मना कर दिया। इस बात का थानाधिकारी दयाराम चोधरी को पता चला तो उन्होंने स्टाफ से बातचीत कर बेटी को गोद लेकर शादी करवाने का फैसला किया। गांव-गांव में पुलिस के इस कदम की सराहना हो रही है। पुलिस के इस काम पर लोगों का कहना था कि दतवास थाना पुलिस ने पुलिस श्लोगन, आम जन में विश्वास एवं अपराधियों में भय को चरितार्थ कर दिया है। शादी की शुरुआत बुधवार सुबह हुई, जब थाने को पूरी तरह दुल्हन की तरह सजाया गया। बारात खादरिया बगीची से बुधवार शाम दतवास थाना परिसर पहुंची जहां थानाधिकारी व स्टाफ ने बारात की अगुवानी की।
दुल्हन ममता
दतवास थाने के स्टाफ ने शादी के कार्याें पर 2 लाख रुपए खर्च किए, टेंट-गार्डन की व्यवस्था पूर्व सरपंच ने की, लोगों ने भी किया सहयोग
थाने में शहनाई
इस तरह शुरू हुई कहानी
स्टाफ ने तय किया शादी करवाना
बेटी ममता की मां सीमा कर्ज लेने के लिए गांव में कई लोगों के पास गई, लेकिन पहले का कर्जा नहीं चुका पाने के कारण उसे कर्ज नहीं मिला। दतवास थानाधिकारी व स्टाफ को लगी। उन्होंने अपने स्टाफ के साथियों से विचार-विमर्श कर शादी सम्पन्न करवाने का बीडा उठाया। थानाधिकारी दयाराम चौधरी ने लडकी की मां सीमा से मिलकर शादी की तैयारियां शुरू करने के लिए कहा। स्टाफ की ओर से आर्थिक मदद कर शादी की सारी व्यवस्थाएं करवाई।
पुलिस स्टेशन की बिल्डिंग को सजाया गया, बरात पहुंची तो स्टाफ ने घरातियों की तरह बरातियों का किया स्वागत, फिर विदाई
दतवास थाने में की थी ममता ने मजदूरी
थानाधिकारी ने बताया कि पुलिस थाना परिसर में ग्राम पंचायत दतवास की तरफ से सौन्दर्यकरण का कार्य किया गया था, जिसमें ममता महावर ने मजदूरी का कार्य किया था। मजदूरी का भुगतान नहीं मिलने पर ममता थाने पर आई व बताया कि थाने में पंचायत द्वारा करवाये गये कार्य की अभी तक मजदूरी नहीं मिली । जिस पर थानाधिकारी ने सरपंच को उसकी मजदूरी दिलाने के लिए कहा इसके 4-5 दिन बाद मजदूरी ममता के बैंक खाते में जमा हो गई।
25 पुलिसकर्मियों ने की आर्थिक मदद
थानाधिकारी दयाराम चौधरी ने बताया कि दतवास थाने में 25 पुलिसकर्मियों का स्टाफ है सभी ने मिलकर करीब दो लाख रुपए शादी की व्यवस्थाओं व आवश्यक दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर खर्च किए। शादी में टेन्ट एवं गार्डन व्यवस्था का दायित्व पूर्व सरपंच सावरिया सोनी ने निभाया तथा अन्य सारी व्यवस्थाएं पुलिस थानाधिकारी एवं स्टाफ ने की। इस पहल के चलते क्षेत्र में पुलिस की उदारता पर लोग चर्चा करते दिखाई दिए। विवाह में सैंकड़ों लोगों ने भाग लेकर ममता को आर्शिवाद दिया। ममता का विवाह एवं पुलिस की इस अनुठी पहल की चर्चा दत्तवास ही नही पूरे जिले में फैल गई। ममता की वृद्ध मां सीमा देवी जो हर समय विवाह के लिए चिंतित व दु:खी थी। इस नजारे को देखकर पुलिस ही नही आम लोगों में भी इस पुण्य में सहयोग करने के लिए होड़ सी मच गई।
बचपन में ही उठ गया था पिता का साया
थानाधिकारी दयाराम चौधरी ने बताया कि करीब 3-4 वर्ष पूर्व ममता के पिता की मृत्यु हो गई थी और लम्बी बीमारी के बाद 2016 में जवान भाई की भी मृत्यु हो गई थी जिससे परिवार कर्ज में डूब गया। ममता के एक छोटा भाई भी है।