निवाई| बनस्थली रोड पर स्थित रूपवास औद्योगिक क्षेत्र में अवाप्त की गई रोड के नजदीक की भूमि का काश्तकारों को बढा हुआ मुआवजा मिलेगा। राजस्थान हाईकोर्ट के अधिवक्ता एडवोकेट संदीप जैन बताया कि माननीय उच्चतम न्यायालय ने काश्तकारों के पेश किए गए मुकदमों का निस्तारण करते हुए मुआवजा राशि बढाने के आदेश प्रदान किए है। उन्होंने बताया कि रिको द्वारा निवाई तहसील में जनवरी 1996 में काश्तकारों की बनस्थली रोड पर 371 बीघा 10 बिस्वा भूमि नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए अवाप्त की गई थी। काश्तकारों को रोड के नजदीक असिंचित भूमि के लिए 11 हजार 338 रूपये प्रति बीघा तथा सिंचित भूमि के लिए 21 हजार 780 रूपये प्रति बीघा तथा रोड के नजदीक की भूमि का 1 लाख 15 हजार रूपये प्रति बीघा मुआवजा दिया गया था। काश्तकारों ने कम मुआवजा मिलने के आधार पर रिको के विरूद्ध वर्ष 1997 में उच्चतम न्यायालय में वाद दायर किया तथा मुआवजा राशि बढाने की मांग की गई।
इस पर माननीय उच्चतम न्यायालय ने रिको को आदेश देते हुए मुआवजा राशि को बढाकर सिंचित व असिंचित भूमि के लिए 1 लाख 33 हजार 500 रूपये प्रति बीघा एवं रोड के नजदीक की भूमि का 1 लाख 87 हजार प्रति बीघा मय ब्याज सभी को लाभ देने के आदेश प्रदान किए। उच्चतम न्यायालय ने आदेशों में सभी काश्तकारों को आदेश के चार माह की अवधि में भुगतान करने के आदेश प्रदान किए।