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कभी तीन जिलों के कई गांवों की प्यास बुझाता था नोख का कुआं,अब बदहाल

3 वर्ष पहले
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कस्बे के तीन जिलों की सीमा पर बना यह कुएं की मरम्मत नहीं होने के कारण यह कुआं जर्जर होता जा रहा है। इसकी समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण यह कुआं बदहाली के आंसू बहा रहा है।

ग्रामीणों ने बताया क यह 1978 में बना हुआ है जिसकी आज तक मरम्मत नहीं हुई है। पहले के समय में जब गांव की आबादी कम हुआ करती थी। उस समय यह कुआं नोख गांव का मीठे पानी का स्रोत हुआ करता था। गांव के साथ-साथ 3 जिलों के गांव को पानी की सप्लाई गोगासर व दादू के कुएं से होती थी तथा बॉर्डर एरिया तक कुएं का पानी पीने के लिए ले जाया करता था। अब इसे बीकानेर जिले के कई गां वो की पानी की सप्लाई होती हैं। लेकिन पिछले कई वर्षों से कुएं पर बने पंप चालक रूम की हालत बदहाली के आंसू बहा रही है। पंप चालक ने बताया है कि पिछले 30 वर्षों से कुएंं के पास बने पानी के होद कि सफाई नहीं होने के कारण पानी के हौद के अंदर गंदगी का आलम तथा मरे हुए कबूतर की भरमार है। लेकिन अभी तक संबंधित विभाग का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। यह कुआं ं बीकानेर जिले में होने के कारण व जैसलमेर जिले की सीमा पर बना होने के कारण उसकी सफाई आज तक नहीं हुई जिसके कारण दूषित पानी पीने को मजबूर है। ग्रामीण साथ ही इन कुएंं पर बने चालक रूम क्वार्टरों की हालत दयनीय स्थिति बनी हुई है। वहीं इस कुए के आस-पास दरवाजे खिड़की व चार दीवारी तो अज्ञात चोरों द्वारा कई वर्षों पहले चुरा ले गए, लेकिन करोड़ों रुपए की लागत से बना यह कुआ बिना सार संभाल के अपनी कहानी खुद बयां कर रहा है। ऐसा ही हाल रहा तो एक दिन कुए पर बने वाटर पंप रूम कमरे कभी भी गिर सकते है। और बड़ा हादसा घटित हो सकता है। बिना खिड़कियों दरवाजे के यह रूम असामाजिक तत्व और शराबियों का अड्डा बना हुआ है। शाम के समय जाम से जाम टकराते हैं तथा लेकिन सर संभाल करने वाला कोई नहीं।

भीखोड़ाई | एक ओर जहां गांवों ढाणियों में पेयजल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। ग्रामीण भोर की पहली किरण के साथ ही कई किलोमीटर पैदल चल कर पीने के पानी का जुगाड़ कर रहे हैं। लेकिन ठीक इसके उलट जलदाय विभाग की लापरवाही के चलते बलाड़ ग्राम के पास पेयजल लाइन में दो बड़े लीकेज के कारण हजारों गैलन पानी व्यर्थ बह कर तालाब का आकार ले रहा है। बावजूद इसके व्यर्थ बह रहे पानी की रोकथाम को लेकर विभाग गंभीर नहीं दिख रहा है।

नोख. कस्बे में मरम्मत का देंश झेल रहा है कुआ

एक सप्ताह से बंद है पेयजल सप्लाई

भीखोड़ाई | कस्बे के करणीवास के 50 घरों में लगे नलों में एक सप्ताह से पेयजल सप्लाई बंद होने के कारण भीषण गर्मी के मौसम में वाशिंदे पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं बावजूद जलदाय विभाग पेयजल सप्लाई सुचारू करने को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा है। करणीवास के वाशिंदे रामेश्वर जोशी सहित कई लोगों ने बताया कि नलों में बलाड़ बूस्टिंग स्टेशन से पेयजल सप्लाई होती है। लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही एवं लाइन टूटी होने एवं समय पर दुरूस्त नहीं करने के कारण लोगों को हजार रुपए देकर पानी के टैंकर डलवाने पड़ रहें हैं। जल्द पेयजल सप्लाई सुचारू नहीं हुई तो बलाड़ बूस्टिंग स्टेशन पर प्रदर्शन कर जलदाय विभाग द्वारा भेजे जाने वाले पानी के बिल का बहिष्कार किया जाएगा। जब से पेयजल लाइन ठेके पर हुई तब से बड़ी संख्या में लीकेज टूटी लाइनें व्यर्थ बहता पानी देखने को मिल रहा है।

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