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स्कूटी से स्कूल जा रहा शिक्षक सांड के हमले में घायल सुरक्षा स्वयं करें... यहां सीएम की भी नहीं सुनते अफसर

3 वर्ष पहले
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पीबीएम अस्पताल में घायल शिक्षक का ट्रीटमेंट करते।

इंफ्रा रिपोर्टर| बीकानेर

स्कूटर से उदयरामसर सरकारी स्कूल जा रहा शिक्षक मुरलीधर व्यास कॉलोनी निवासी बालमुकुंद (35) पुत्र नेमीचंद व्यास मंगलवार को सांड का शिकार हो गया। वह सुबह साढ़े 7 बजे स्कूटर से स्कूल जा रहे थे, इसी दौरान नोखा रोड चौराहे पर लड़ रहे सांडों की चपेट में आ गए। हाथ में फ्रैक्चर हो गया। आंख और शरीर के कई हिस्सों में चोट आई। उन्हें पीबीएम हॉस्पिटल के ट्रोमा सेंटर में भर्ती कराया था, लेकिन दोपहर में परिजन उन्हें वहां से जयपुर ले गए। घायल शिक्षक के भाई डीके व्यास ने बताया कि डॉक्टरों ने जयपुर ले जाने को कहा था। हिमोफीलिया के कारण इलाज में रिस्क बता रहे थे। ट्रोमा सेंटर के प्रभारी डॉ. बाबूलाल खाजोटिया ने बताया कि घायल को जांच के लिए भेजा था। वह हिमोफीलिया रोगी था। परिजन अपनी मर्जी से उसे ले गए, रैफर नहीं किया।

कलेक्टर-निगम आयुक्त की सफाई

गोअभयारण्य और नंदीशाला के लिए एमओयू हो चुका है। आवारा गोवंश को पकड़ने के लिए भी ठेका हो चुका है। काम शीघ्र शुरू हो जाएगी। तीन-चार महीने में परिणाम भी आने लगेंगे। एनके गुप्ता, कलेक्टर

आवारा सांडों को पकड़ने के लिए ठेकेदार को वर्क ऑर्डर दे दिए हैं। उसे तत्काल काम शुरू करने को कहा है। ठेकेदार ने एक दिन में 50 पशु पकड़ने का टारगेट रखा है। प्रदीप गवांडे, निगम आयुक्त

क्योंकि मुख्यमंत्री खुले मंच से कलेक्टर को सड़क से सांड हटाने की चेतावनी दे चुकी हैं

महापौर जी ! कलेक्टर साहब!

पहले खुद से करें शुरुआत

12 हजार से अधिक सांड आवारा घूम रहे हैं शहर में

33 दिन बाद जारी हुआ सांड पकड़ने का वर्क ऑर्डर

कलेक्ट्रेट

सीएम की फटकार के बाद सांड पकड़ने के लिए ठेकेदार को वर्क ऑर्डर, आज से काम शुरू गो अभयारण्य के लिए नापासर में 221 हैक्टेयर गोचर भूमि, निशानदेही अब तक नहीं हो पाई

गोशाला के लिए 2 जगह 280 बीघा जमीन दी निगम को, सरह नथानिया में बाउंड्री निर्माणाधीन

कलेक्ट्रेट, नगर निगम, पब्लिक पार्क की ये तस्वीर हम इसलिए छाप रहे हैं क्योंकि सिस्टम बनाने वाले यहीं बैठते हैं... हर रोज सैकड़ों लोग यहां आते हैं

पब्लिक पार्क

लेकिन 11 दिन बाद भी गोशाला और नंदीशाला नहीं हो सके शुरू

नगर निगम

मुख्यमंत्री के अल्टीमेटम के बाद नगर निगम ने 11 दिन में पकड़े सिर्फ 95 सांड, गो अभयारण्य शुरू नहीं, गोशाला का काम भी सुस्त

मुख्यमंत्री के अल्टीमेटम के बाद शहर में आवारा गोवंश को लेकर जिला प्रशासन और नगर निगम हरकत में तो आए, लेकिन काम की गति इतनी धीमी है कि 11 दिन में मात्र 95 सांड ही पकड़े जा सके हैं। मुख्यमंत्री सात सितंबर को वापस बीकानेर आएंगी। वे वर्क प्रोग्रेस भी पूछेंगी। उसे देखते हुए नापासर में गो अभयारण्य और शहर में नंदीशाला के लिए प्राइवेट गोशालाओं से एमओयू तो कर लिया, लेकिन वहां गोवंश छोड़ने का काम अब तक शुरू नहीं हो सका। आवारा सांड बड़ी समस्या बने हैं। मोटे अनुमान के अनुसार शहर में 12 हजार से अधिक आवारा मवेशी हैं। पिछले साल दिसंबर में सर्वोदय बस्ती में हनुमान सिंह नामक वृद्ध की सांड की टक्कर से मौत हो गई थी। नयाशहर थाने में कलेक्टर और निगम आयुक्त के विरुद्ध मुकदमा भी हुआ, लेकिन पुलिस ने अब तक कार्रवाई नहीं की। आए दिन सांडों की लड़ाई में घायल होने वालों की तो कोई गिनती ही नहीं है। मुख्यमंत्री ने 27 जुलाई को सार्दुल क्लब मैदान में खुले मंच से कलेक्टर को सांडों को शहर से हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया था। स्पष्ट कहा था कि सड़कों पर आवारा सांड नहीं दिखने चाहिए। उसके 11 दिन बाद न तो सांड पकड़ने के काम में गति आई और न ही गो अभयारण्य-नंदीशाला ही शुरू हो सके।

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