डाकघर ओढ़ां के डाकपाल मोहनलाल की ड्यूटी के प्रति लापरवाही, लेट लतीफी और उपभोक्ताओं के प्रति दुव्र्यवहार से परेशान उपभोक्ताओं में रोष है। बीती14 मई से डाकघर का प्रिंटर खराब होने के कारण लोगों की जरूरी डाक जो कि रजिस्ट्री व स्पीडपोस्ट की जानी है, वो एक सप्ताह से डाकघर में पड़ी हैं।
गांव टप्पी निवासी रिंपी कौर ने 16 मई को एक रजिस्ट्री इनकम टैक्स कार्यालय पुणे भेजने के लिए दी थी और जिसे कहा गया था कि शाम को रजिस्ट्री हो जाएगी। लेकिन तीन दिन बाद जब वो रसीद लेने डाकघर आई तो देखा कि उसकी रजिस्ट्री अभी डाकघर में ही पड़ी है। पूछे जाने पर डाकपाल ने उल्टे उसी को दोषी ठहरा दिया। इसी प्रकार एक रजिस्ट्री माता हरकी देवी स्कूल, दो रजिस्ट्री जवाहर नवोदय विद्यालय के प्राध्यापकों की, 20-25 रजिस्ट्रियां को-ऑपरेटिव बैंक पंजुआना के अलावा अनेक उपभोक्ता जो सोच रहे हैं कि उनकी डाक पहुंच गई होगी, लेकिन उनकी डाक अभी तक डाकघर ओढ़ां में ही रखी हुई हैं। उपभोक्ता जगसीर सिंह, रमेश कुमार, संदीप कुमार, अमित कुमार, सतपाल, विक्रम और राकेश कुमार ने आरोप लगाया कि डाकपाल कोई भी काम समय पर नहीं करता है। डाकपाल मोहन लाल ने कहा कि प्रिंटर 14 मई से खराब है, जिसकी सूचना उन्होंने उच्चाधिकारियों को भेज दी है और एक दो दिन में प्रिंटर ठीक हो जाएगा। वहीं डाकघर हिसार के अधीक्षक ताराचंद शर्मा ने बताया कि प्रिंटर खराब होने की उनके पास कोई सूचना नहीं आई। यदि प्रिंटर खराब होने के बाद भी डाकपाल रजिस्ट्री अपने पास रखते हैं, तो ये गलत है और यदि ऐसा हुआ है तो डाकपाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।