ओडिशा के लिए दर्द है तो छग में बैराज का विरोध कीजिए
अंबाभौना ब्लॉक के चिखिली में ‘महानदी बचाओ अभियान’ में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक शामिल हुए। इस दौरान पटनायक ने कहा कि महानदी ओडिशा की जीवन रेखा है, हमारी मां है। महानदी के बिना ओडिया जाति का कल्पना नहीं की जा सकती। लेकिन महानदी को लेकर केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार ओडिशा विरोधी बने हुए हैं। ओडिशा के भाजपा नेता भी छत्तीसगढ़ का समर्थन कर रहे हैं और यहां मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां के भाजपा नेताओं को ओडिशा के प्रति दर्द है, तो वे छत्तीसगढ़ में महानदी पर बन रहे बैराज का विरोध करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजद सरकार ओडिशा के हक के लिए सुप्रीम कोर्ट गई। इसके बाद महानदी ट्रिब्यूनल का गठन किया गया। छत्तीसगढ़ में बैराज निर्माण होने से महानदी सूख रह रही है। हीराकु़ंड बांध का पानी भी कम हो रहा है। रबी सीजन में किसानों की परेशानी बढ़ सकती है। किसानों का सुविधाओं के लिए राज्य सरकार ने महानदी में मेगा लिफ्ट निर्माण किया है। उन्होंने कहा कि महानदी गर्व व गौरव की साक्षी है। महानदी को कभी भी सूखने नहीं देंगे।
महानदी बचाओ अभियान कार्यक्रम में शामिल होने चिखिली पहुंचे सीएम पटनायक।
एक घंटे देरी से पहुंचे मुख्यमंत्री
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री निर्धारित समय से लगभग 1 घंटा देरी से 11.30 बजे पहुंचे थे। चिखिली सभा में मंत्री प्रफुल्ला मल्लिक, निरंजन पुजारी, स्नेहांगिनि छूरिया, सुशांत सिंह, राज्यसभा सांसद प्रसन्ना आचार्य, अनंग उदय सिंहदेव, विधायक रीता साहू, विधायक देवेश आचार्य, आयूब खान, अरुण साहू प्रमुख उपस्थित थे।