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मराठी फिल्म उद्योग की तरह जल्द विकसित होगा बुंदेली फिल्म उद्योग : रोहणी

3 वर्ष पहले
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भारतीय फिल्म फेस्टिवल कार्यक्रम के दूसरे दिन देशभर के अलग-अलग हिस्सों में बनी एक दर्जन से अधिक शॉर्ट फिल्म अाैर डॉक्यूमेंट्री फिल्म टपरा टॉकीज में दिखाई गई। अभिनेत्री रोहणी हट्टनगड़ी व अभिनेता रजित कपूर ने रामराजा मंदिर, लक्ष्मी मंदिर व जहांगीर महल का अवलोकन किया और ओरछा के प्राकृतिक व नैसर्गिक सौंदर्य की जमकर तारिफ की।

ऑस्कर के लिए नॉमिनेट होने वाली पहली महिला फिल्म अभिनेत्री रोहिणी हट्टनगड़ी ने कहा कि बुंदेलखंड का फिल्म उद्योग बहुत जल्द विकसित होगा। 15 साल पहले जब मराठी फिल्में कहीं नहीं थी। तब वहां के निर्माता निर्देशकों ने अपनी मराठीयत व कल्चर के बारे में लोगों के सामने कुछ कहने की चाह ही मराठी फिल्मों को नेशनल लेवल पर पहुंचाया। उन्होंने अपील की देश के जिन जिन हिस्सो में अपनी अपनी भाषा व संस्कृति को लेकर फिल्म बन सकती है, वह बनाएं क्योंकि बाहर के लोगों के लिए वह नया होता है।

एक मंच पर कलाकार दिखा सकते हैं अपनी-अपनी प्रतिभा : फिल्म फेस्टिवल के बारे में रोहिणी ने कहा कि टपरा टॉकीज से नए-नए लोगों को अपनी प्रतिभा एक मंच पर दिखाने का मौका मिलता है और ऐसे ही माध्यमों से कई लोग स्टार बने है। उन्होंने कहा कि उनके दिनों में पुणे से मुंबई शो करना एक सपना होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब पुणे में रहकर भी लोग काम कर रहे हैं दिल्ली में रहकर भी काम कर रहे हैं और लुधियाना में रहकर भी। रोहणी ने कहा कि ऐसा अक्सर होता है कि हम अपनी जगह पर काम नहीं करते काम के लिए इधर उधर भागते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है अगर आप अपनी जगह काम करेंगे तो शोहरत अपने आप आपको मिल जाएगी। आज के जमाने में आपके पास टेलीविजन है यू-ट्यूब है आप अपना किया हुआ काम यू-ट्यूब पर डाल सकते हैं और प्रचार प्रसार कर सकते हैं। मुझे लगता है कि किसी भी कलाकार को अपनी जमीन नहीं छोड़ना चाहिए।

रोहिणी ने बताया कि मुझसे कुछ लोगों ने पूछा कि क्या बुंदेलखंड में सिनेमा या नाटक पनप सकता है। मैं यह मानती हूं कि बुंदेलखंड के कलाकार व देश के अलग अलग भाषाओं के कलाकार अपने ही क्षेत्र की नाटक फिल्म को फॉलो करें ना कि हिंदी फिल्मों को अगर ऐसा हुआ तो निश्चित तौर पर वहां का सिनेमा समृद्ध होगा।

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