पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • फिल्म महोत्सव के चौथे दिन मंच से बताए अशिक्षा के परिणाम

फिल्म महोत्सव के चौथे दिन मंच से बताए अशिक्षा के परिणाम

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भारतीय फिल्म महोत्सव के चौथे दिन रंगारंग कार्यक्रमों के बीच केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक एवं जिले के प्रभारी मंत्री रुस्तम सिंह ने बुंदेली कलाकारों द्वारा अशिक्षा से होने वाली परेशानी को प्रदर्शित किया। मंच पर खेले गए ढ़डकोला नाटक को देखकर तारीफ करते हुए महोत्सव में पधारे फिल्मी डायरेक्टर और कलाकारों का सम्मान किया।

एक ओर आसमान से सूरज धूप उगल रहा था और दूसरी ओर रुद्राणी कलाग्राम में चमकते मिले फिल्मी सितारे और फिल्मों के प्रति दिव्यमान मिला स्थानीय नवोदित फिल्मकारों का जुनून। जी हां, बुंदेलखंड प्रांत की शान और मशहूर फिल्मकार-अभिनेता श्री राजा बुंदेला जी और फिल्म-अभिनेत्री सुष्मिता मुखर्जी की समाज को सिनेमा के बदले सिनेमा लौटने की सोच और उस सोच को साकार करता भारतीय फिल्म महोत्सव ओरछा में आज लगातार चौथे दिन भी पूरी गर्मजोशी से आयोजित हुआ।

भारतीय फिल्म महोत्सव में मौजूद केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक, जिले के प्रभारी मंत्री रूस्तम सिंह रुस्तम सिंह, अिभनेता राजा बुंदेला एवं अन्य कलाकार।

भास्कर संवाददाता | ओरछा

भारतीय फिल्म महोत्सव के चौथे दिन रंगारंग कार्यक्रमों के बीच केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक एवं जिले के प्रभारी मंत्री रुस्तम सिंह ने बुंदेली कलाकारों द्वारा अशिक्षा से होने वाली परेशानी को प्रदर्शित किया। मंच पर खेले गए ढ़डकोला नाटक को देखकर तारीफ करते हुए महोत्सव में पधारे फिल्मी डायरेक्टर और कलाकारों का सम्मान किया।

एक ओर आसमान से सूरज धूप उगल रहा था और दूसरी ओर रुद्राणी कलाग्राम में चमकते मिले फिल्मी सितारे और फिल्मों के प्रति दिव्यमान मिला स्थानीय नवोदित फिल्मकारों का जुनून। जी हां, बुंदेलखंड प्रांत की शान और मशहूर फिल्मकार-अभिनेता श्री राजा बुंदेला जी और फिल्म-अभिनेत्री सुष्मिता मुखर्जी की समाज को सिनेमा के बदले सिनेमा लौटने की सोच और उस सोच को साकार करता भारतीय फिल्म महोत्सव ओरछा में आज लगातार चौथे दिन भी पूरी गर्मजोशी से आयोजित हुआ।

वर्कशाॅप लगाई

दोपहर के वक्त स्टूडियो-1 में फिल्म अभिनेता राजित कपूर और यशपाल शर्मा ने नवोदित फिल्मकारों को फिल्म मेकिंग पर वर्कशॉप दी और उनके संबंधित प्रश्नों के सटीक उत्तर दिए। राजित कपूर जी के अनुसार-“सिनेमा और सामाजिक सरोकार के तहत श्री राजा बुंदेला और सुष्मिता मुखर्जी का यह आयोजन बहुत सटीक और सार्थक पहल है।”

कलाकारों को मौका देना उद्देश्य

इन कलाकारों की फिल्मों का किया गया प्रदर्शन

भारतीय फिल्म महोत्सव में सनोज मिश्रा की फिल्मों का भी प्रदर्शन हुआ। जिनको दर्शकों ने काफी पसंद किया और सनोज ने दर्शकों के सवालों पर जवाब दिया। रुद्राणी कलाग्राम ओरछा में शाम छः बजे से कला-प्रेमी दर्शकों की भीड़ आना शुरू हो गई थी। शाम सात बजे तक पूरी दर्शक दीर्घा दर्शकों भर गई और शुरू हुई भारतीय फिल्म महोत्सव ओरछा की आज की शाम। प्रसिद्ध बुंदेली लोक-कवि जय-करन निर्मोही का गायन-वादन का आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। ब्रम्ह्हानन्द ज्ञानेंद्र बुंदेला द्वारा निर्देशित नाटक- “चट्टान”, मुंबई से आए लेज़र-शो के प्रदर्शन ने दर्शकों को दांतों तले अंगुली दबाने पर मजबूर कर दिया। फिर मुंबई से पधारे मशहूर रमीज भाई का मुशायरा और स्थानीय कवियों का कविता पाठ ने देर रात्री शमा बंधीं और दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।

आयोजन कर्ता राजा बुंदेला और मति सुष्मिता मुखर्जी ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बुंदेलखंड के लोक-कलाकारों और नवोदित फिल्मकारों को सिनेमा की मुख्य-धारा से जोड़ना है। साथ ही प्रशासन का ध्यान बुंदेलखंड क्षेत्र की जनता की बुनियादी समस्याओं को सामने लाकर उनका निराकरण के लिए कदम उठाने का भी है। बुंदेलखंड की अवाम हमेशा बेरोजगारी, पेय-जल समस्या का सामना करती है। यहां संसाधन बहुत हैं, पर उनका सदुपयोग नहीं है। साथ ही इनका उद्देश्य बुंदेलखंड की धर्म-पुरातत्व की नगरी ओरछा और इसके इतिहास को विश्व-पटल पर जीवंत करना है।

आयोजन के दौरान मुंबई से आए कलाकारों और स्थानीय नवोदित फिल्मकारों का सम्मान किया गया। अभिनेत्री मति नफीसा अली को राय प्रवीण सम्मान, अभिनेता यशपाल शर्मा को महाराजा गंगाधर सम्मान, ज़नाब रमीज़ दत्त जी को गीतकार इन्दीवर सम्मान, आरपी निरंजन को ए.पी.जे. अबदुल कलाम सम्मान से सम्मानित किया गया। इस दौरान राज्य मंत्री मति ललिता यादव मौजूद थी। उन्होंने राजा बुंदेला का के प्रयासों की प्रसंशा करते हुए कहा कि इतनी चिलचिलाती धूप में इतने बड़े पैमाने पर सीमित संसाधनों ने किया ये आयोजन सराहनीय है।

खबरें और भी हैं...