सीताराम जपने वाले देवीदास का स्वर्ण पदक से सम्मान
धार्मिक एवं ऐतिहासिक नगर आेरछा के छारद्वारी सरकार हनुमान मंदिर आश्रम पर धर्मसभा का अायोजन किया गया।
इस धर्मसभा में संतों की अनोखी परंपरा देखने को मिली। बुंदेलखंड के संतों ने परंपरा के अनुसार मंदिर आकर श्री सीताराम नाम का जाप करने वाले भक्तों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक से सम्मानित किया जाता है। मंदिर परिसर में वृंदावन धाम से आए जानकीशरण महाराज के मुख्य आतिथ्य एवं महंत त्रिलोकीदास महाराज की अध्यक्षता में धर्म सभा का आयोजन किया गया। जिसमें 37 लाख 12 हजार 68 माला के द्वारा श्री सीताराम का जप करने वाले हंसारी झांसी निवासी देवीदास यादव को त्रिलोकी दास एवं जानकी शरण महाराज ने स्वर्ण पदक से सम्मानित किया। संतों की मौजूदगी में उन्हें यह सम्मान दिया गया। वहीं 16 लाख से 24 हजार के बीच में जप करने वाले 9 जप साधकों को रजत पदक से सम्मानित किया गया। इसके अलावा 5 लाख से 13 के बीच में जप करने वाले लोगों को कांस्य पदक से दिए गए। जप करने वाले 57 लोगों पासबुक पुस्तक बनाकर श्री सीताराम नाम जप के खाते खोले गए। वृंदावन से आए जानकी दास महाराज ने धर्म सभा को संबोधित कर लोगों को राम नाम जप का महत्व और उसे करने के नियमों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि जप करते समय मन की एकाग्रता आवश्यक है हमें भजन करते समय बात नहीं करनी चाहिए और पूरा ध्यान लगाकर जप करना चाहिए। जानकीदास महाराज ने कहा कि श्री सीताराम के भजन से व्यक्ति सांसारिक मोह को छोड़कर भवसागर पार होता है।
जप से मन को मिलती है शांति
पीडब्यूडी विभाग ओरछा में पदस्थ स्वर्ण पदक विजेता देवीदास यादव ने बताया कि वह प्रतिदिन सुबह 5 बजे नित्य क्रिया से फ्री होकर आश्रम में जप शुरू कर देते हैं। प्रतिदिन 12 घंटे तक उन्होंने सर्वाधिक सीताराम जप करके स्वर्ण पदक प्राप्त किया है। यादव ने बताया कि जप करने से उन्होंने बड़ी ही शांति और अनूठी अनुभूति प्राप्त होती है। धर्म सभा में रजत पदक प्राप्त करने वाले लोगों में अजय केवट छारद्वारी, कालूराम पचोरी, कल्याण सिंह हंसारी और कांस्य पदक से सम्मानित सीता, रमेश साहू, कैलाश मीरा खरे बागन, नीलेश राजपूत, ममता शर्मा छारद्वारी शामिल हैं।
कार्यक्रम
वृद्धावनधाम से आए जानकीशरण महाराज के मुख्यआतिथ्य में हुआ धर्मसभा का आयोजन
80 गांव की टोलियां कीर्तन में कर रहीं सहयोग
छारद्वारी सरकार हनुमान मंदिर के महंत त्रिलोकी दास महाराज ने धर्म सभा को बताया कि श्रीराम की कृपा से आश्रम पर सन 2004 से लगातार श्री राम संकीर्तन जाप चल रहा है। जिसमें बुंदेलखंड क्षेत्र के टीकमगढ़, झांसी, दतिया, ललितपुर जिले के 80 ग्रामों की टोलियां कीर्तन में भाग लेकर अपना सहयोग कर रही हैं। संकीर्तन के समापन पर आश्रम में भक्तों द्वारा 14 जनवरी से 18 अक्टूबर 2018 तक करीब 10 माह में सवा अरब श्री सीताराम जप करने का संकल्प लिया है। आश्रम में प्रतिदिन बुंदेलखंड क्षेत्र के करीब 200 श्रद्धालुओं द्वारा 21 लाख जप किया जा रहा है। त्रिलोकी दास महाराज ने बातया कि अभी तक 4 करोड 30 लाख श्री सीताराम मंत्र का जप हो चुका है, 18 अक्टूबर तक सवा करोड़ करने का संकल्प है।