राजमहल| सतवाड़ा गांव स्थित बालाजी मंदिर परिसर में गुरूवार से श्रीमद्भागवत कथा की शुरूआत कलश यात्रा के साथ की गई। कलश यात्रा की शुरूआत विद्यालय परिसर से की गई। जिसमें बैण्ड बाजे की धुनों पर नाचते गाते हुए बालाजी मंदिर पर पहुंची। जहां आरती के साथ ध्वज चढ़ाया गया। कथा वाचक पंड़ित नारायण ने बताया कि सात दिवसीय संगीतमय कथा के दौरान बालाजी की फूल मालाओं से झांकी सजाई जाएगी। इसके साथ ही प्रतिदिन कथा के दौैरान कथा प्रसंग के अनुसार सजीव झांकिया सजाई जाएगी।
भागवत के महात्म्य पर प्रकाश डाला
पचेवर| कस्बे स्थित श्रीमुकुंद बिहारीजी के मंदिर में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के तहत भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा गोपालजी मंदिर से प्रारम्भ होकर तेलियों के मौहल्ले होते हुए श्रीमुकुंद बिहारी के मंदिर पहुंची। कलश यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में सम्मिलित महिलाएं अपने सिर पर मंगल कलश धारण किए हुए मंगल गीत गाने के साथ ही गाजे-बाजे की धुनों पर नृत्य करती हुए चल रही थी। कथा स्थल पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने कलश यात्रा में सम्मिलित सभी का स्वागत करने के साथ ही कलश की स्थापना की। कथाचवाचक व व्यासपीठ पर विराजित पंडित गिरजाशंकर ने कथा के प्रथम दिवस पर भागवत के महात्म्य पर प्रकाश डाला।