पुरुषोत्तम माह आज से, होंगे धार्मिक कार्यक्रम
पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) बुधवार से शुरू होगा। 19 साल बाद ज्येष्ठ मास में अधिक मास आया है।सूर्य-चंद्रमा के भ्रमण काल में अंतर से हर तीन वर्ष के अंतराल में अधिक मास आता है।
ज्योतिषाचार्य पं ललित शास्त्री ने बताया कि अधिकमास को पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। जिस मास में सूर्य संक्रांति नहीं होती, वह अधिक मास कहलाता है। धार्मिक कार्यों में इसका बड़ा महत्व होता है। इसके पहले ज्येष्ठ में अधिक मास 1999 में आया था। 16 मई से अधिकमास शुरू होगा, जो 13 जून तक चलेगा। अधिकमास में ही 24 मई को गंगा दशहरा पर्व भी मनाया जाएगा। अधिकमास के कारण देवशयनी एकादशी 9 जुलाई को आएगी।
उन्होंने बताया कि इन दिनों में कोई भी मांगलिक कार्य करना वर्जित रहता है। परंतु इस दौरान किए गए धर्म-कर्म से जुड़े सभी कार्य विशेष फलदायी रहते हैं। मलमास में केवल ईश्वर के लिए व्रत, दान, हवन, पूजा, ध्यान आदि करने का विधान है। ऐसा करने से पापों से मुक्ति मिलती है और पुण्य प्राप्त होता है। नगर में अधिक मास में मंदिरों में भजन कीर्तन के आयोजन होंगे वही अन्य धार्मिक आयोजन भी इस दौरान होंगे।
1.16 मई से 22 मई -श्रीमद भागवत कथा
कथा व्यास: ललित कृष्ण महाराज
समय: दोपहर 2से शाम 5 बजे।
स्थान: श्री गोपाल मंदिर के सामने
आयोजक: दांगी परिवार
17 से 23 मई-भागवत कथा
कथा व्यास: सुरेश चंद्र शास्त्री
समय: दोपहर 3 से शाम 6 बजे।
स्थान: श्री गोवर्धननाथ जी की हवेली, प्रेस कालोनी।