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निर्मल मन और स्थिर चित्त से कथा सुनने से मिलता है आनंद

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | छापीहेड़ा

नगर के पचोर रोड स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर एवं शनि मंदिर पर चार वर्ष से हर साल श्रीमद् भागवत कथा आयोजित की जा रही है। संत पागलदास महाराज के तत्वावधान में आयोजित भागवत कथा एवं 11 कुंडीय रुद्र महायज्ञ किया जा रहा है। इस अवसर पर शिव शनि मंदिर परिवार द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली गई। बैंडबाजे के साथ गायत्री माता मंदिर से शुरू हुई कलश यात्रा में बड़ी संख्या में बालिकाएं एवं महिलाएं शामिल होकर कलश लेकर कर चल रही थी। नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलश यात्रा कथा स्थल पहुंची। जहां महाआरती के बाद कथा प्रारंभ हुई। कथा वाचक पं. कृष्णकांत शास्त्री द्वारा भागवत कथा का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। पहले दिन उन्होंने कथा का महात्म बताते हुए कहा कि भागवत कथा में जीवन का सार तत्व मौजूद है। आवश्यकता है निर्मल मन और स्थिर चित्त के साथ कथा श्रवण करने की। भागवत श्रवण से मनुष्य को परमानन्द की प्राप्ति होती है। भागवत श्रवण प्रेत योनी से मुक्ति मिलती है। इसके बाद मंत्रोच्चारण के बीच पंडितों ने कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की। आचार्य ने विधिविधान पूर्वक पूजन कराया। कलश यात्रा और कथा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शामिल होकर पुण्य लाभ लिया।

कथा

कलश यात्रा के साथ पांचवीं श्रीमद् भागवत कथा और रुद्र महायज्ञ प्रारंभ

यज्ञ और कथा प्रारंभ से पहले कलश यात्रा निकालते श्रद्धालु।

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