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रिक्शा पर लाई पति का शव, चिता की लकड़ियां खरीदने को रुपए नहीं थे, सामाजिक संस्था ने कराया अंतिम संस्कार

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर

रोजगार की तलाश में बिहार के दरभंगा जिले से श्रीगंगानगर आए रिक्शा चालक 30 वर्षीय अमोद की बीमारी के कारण 17 मई को रेलवे स्टेशन पर मौत हो गई। उसकी प|ी को जीआरपी ने सूचना दी तो वह अपने तीन मासूम बच्चों के साथ स्टेशन पहुंची। परिवार में यहां कोई और है नहीं इसलिए पति का शव उसी के किराए पर लिए रिक्शे पर रखा और घर लाने की बजाय सीधे अंतिम संस्कार के लिए पदमपुर रोड स्थित श्रीकल्याण भूमि पहुंच गई। किराए के एक ही कमरे मेंं वार्ड 19 में रह रही उषा के पास अपने पति के अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियां खरीदने तक के पैसे नहीं थे। कल्याण भूमि के कर्मचारियों ने इस संबंध में अध्यक्ष महेश पेड़ीवाल को सूचना दी। उन्होंने चाइल्ड लाइन से पवन शर्मा को तत्काल मौके पर भेजा और अंतिम संस्कार के लिए आवश्यक सामान और लकड़ियों की व्यवस्था करवाई। महिला अकेली थी इसलिए कल्याण भूमि के सदस्यों ने अंतिम संस्कार में मदद की। पति का अंतिम संस्कार कर वापस घर लौटी तो बच्चों के खाने तक को घर में अनाज का एक दाना तक नहीं था। शुक्रवार को पति की मृत्यु के दूसरे दिन दोपहर तक बच्चे भूख से बिलबिला रहे थे। शोक व्यक्त करने पहुंचे महेश पेड़ीवाल ने घर के हालात देखे तो तत्काल बच्चों और उनकी मां के लिए खाने तथा राशन की व्यवस्था करवाई। पीड़ित महिला के घर अब कमाने वाला कोई नहीं रहा। उसे तपोवन की ओर से रोजगार भी उपलब्ध करवाया जाएगा। बच्चों की पढ़ाई और कपड़े आदि की व्यवस्था भी प्रन्यास की ओर से की गई है। इस दौरान बिट्टू अग्रवाल,विनोद ग्रोवर,पार्षद रामस्वरूप नायक, रियाज खान, विनोद साहू, प्रवीण तंवर, शेर सिंह, श्योपत सिंह, मांगीलाल बिश्नोई, आसिफ अली आदि लोग मौजूद थे।

श्रीगंगानगर. मृतक रिक्शा चालक की प|ी को सहायता देनेपहुंचे सामाजिक संस्था के लोग।

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