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पठन-पाठन मेें जिले की लड़कियां पीछे

3 वर्ष पहले
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सरकार की योजना है कि लड़कियों को पहले पढ़ाना है फिर उसकी शादी करनी है। इसके लिए बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ का अभियान भी चल रहा है, लेकिन लड़कियों के पढ़ने के लिए कोई भी समुचित व्यवस्था नहीं होने से लड़कियों को शिक्षित करने का कार्य संभव नहीं हो रहा है।

180 हाई स्कूल हैं मेदिनीनगर जिले में

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है िजले में हाई स्कूल की संख्या, लड़कियों को हो रही है पढ़ाई में भारी परेशानी।

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स्कूल मात्र हैं लड़कियों के लिए, जहां पर्याप्त नहीं हैं क्षेत्र की युवतियों के लिए स्कूल।

लड़कों के विद्यालय में आती हैं परीक्षा देने

लड़कों के विद्यालय में केवल परीक्षा देने आती है लड़कियां। ज्ञान और बौद्धिकता का संगम है मारवाड़ी सार्वजनिक हिन्दी पुस्तकालय।

प्राइवेट में आर्थिक रूप से सक्षम लोग ही पढ़ाते हैं

ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों के लिए शिक्षा का अभाव है

इनफोग्राफिक्स

मुख्य बिंदु

5 हजार लड़कियों का नामांकन हुआ है प्राइवेट स्कूलों में।

जिला स्कूल, गिरवर, मिशन, ब्राह्मण और केजी स्कूल है।

राजकीय, राजकीय कृत, परियोजना, अग्रेडेड, कस्तूरबा विद्यालय है।

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