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निर्देशों की अनदेखी करने पर 5 प्रखंडों के एमओ का वेतन रोका

3 वर्ष पहले
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मेदिनीनगर में कार्यालय परिसर में अधिकारियों के साथ बैठक करते डीसी अमीत कुमार।

15 % कार्डधारियों ने नहीं उठाया राशन

जिले में 15 प्रतिशत ऐसे राशन कार्डधारी हैं जिन्होंने अभी तक राशन का उठाव ही नहीं किया है। समीक्षा के दौरान डीसी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन लाभुकों ने अभी तक राशन का उठाव नहीं किया है उनका नाम राशन कार्ड से रिमूव कर दिया जाए। अभी तक राशन का उठाव नहीं करने वाले का भौतिक सत्यापन कर रिमूव करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को दिया है

कई प्रखंडों ने 100 प्रतिशत से भी अधिक बनवा डाले राशन कार्ड

समीक्षा के दौरान यह देखकर डीसी हैरान रह गए कई प्रखंडों में निर्धारित संख्या से ज्यादा लोगों को राशन कार्ड बनवा दिया गया है जो कि फूड सिक्योरिटी एक्ट का उल्लंघन है। जबकि सामान्य जिला में 86 प्रतिशत लोगों को राशन कार्ड निर्गत करने का प्रावधान है किंतु पलामू अति पिछड़ा क्षेत्र माना जाता है ऐसे में यहां जनसंख्या के 92प्रतिशत लोगों को राशन कार्ड निर्गत किया जाना है। मगर कुछ प्रखंडों में सौ प्रतिशत से भी ज्यादा लोगों को राशन कार्ड निर्गत कर दिए गए हैं, जो गलत है। समीक्षा के दौरान सभी डीसी को निर्देश दिया गया कि वे मानदंड के अनुरूप राशन कार्ड रखें बाकी को सत्यापित कर हटा दें।

धान बेचने वाले किसानों का नाम भी हटेगा

100 क्विंटल से अधिक धान की बिक्री करने वाले किसानों का नाम भी राशन कार्ड से हटाया जाएगा। पलामू डीसी ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिन किसानों ने धान अधिप्राप्ति केंद्र में इस साल 5 क्विंटल से अधिक धान की बिक्री की है, उनका नाम राशन कार्ड से हटा दिया जाए। क्योंकि फूड सिक्योरिटी के अनुसार 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों का नाम से राशन कार्ड निर्गत नहीं करना है। जानकारी के अनुसार इस साल पलामू जिले में 54000 किसान हैं जिन्होंने 5 क्विंटल से ज्यादा धान अधिप्राप्ति केंद्र में बेचा है इनमें 3000 किसान ऐसे हैं जिन्होंने 100 क्विंटल से अधिक धान बेची है। डीसी ने बताया कि अगर किसी बिचौलिए ने इसमें धान जमा किया होगा तब उस बिचौलिए का नाम अगले साल धान अधिप्राप्ति से रिमूव कर दिया जाएगा। नाम हटाने से पहले भौतिक सत्यापन करना जरूरी है।

पंचायत भवन में शिफ्ट होगी एक पीडीएस दुकान

जहां भी दो मंजिला पंचायत भवन है, वहां एक डीलर को शिफ्ट करना है। इस संबंध में भी अभी तक अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। समीक्षा के दौरान डीसी ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जहां दो मंजिला पंचायत भवन है, वहां एक डीलर को शिफ्ट कराएं और उसी डीलर के माध्यम से आंगनबाड़ी और मिड डे मील के लिए चावल की उपलब्धता सुनिश्चित करें। डीसी ने इसके लिए 30 मई का समय निर्धारित किया।

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