बारिश से दलहन, तिलहन और सब्जियों की फसलों में कीड़े लगे, पहुंचा नुकसान
अंचल में लगातार छाये रहने वाले बादलों व बरसात से दलहन, तिलहन व सब्जियों के फसलों को नुकसान पहुंचा है। कृषकों के अनुसार मूंग के पत्तों में छेद, भिंडी की कली व फलों में कीडे़ लगने, बरबट्टी के पत्तों के सिकुड़ जाने व टमाटर के फल-फूल झड़नेव गलने लगे हैं।
अमेरी के कृषक दिनेश्वर वर्मा , बनवाली वर्मा ने बताया कि मौसम की खराबी व बदलते तापमान से तिल्ली फसल के पौधों का विकास अवरुद्ध हो गया है । संतराम वर्मा , सहदेव बंदे ने बताया कि भिंडी के पत्ते सफेद हो रहे हैं। वहीं कीड़े फल फूल व पत्तों में छेद कर रहे हैं।
झीपन के संतोश वर्मा ने बताया कि लगभग पौन एकड़ में बोए गए टमाटर के फलों के साथ पौधे भी मर रहे हैं, महंगी कृषि दवाई भी काम नहीं कर रहा है। शिव कुमार, गणेश निशाद आदि किसानों ने बताया कि मौसम के कारण बरबट्टी के पत्ते संकुचित हो रहे हैं। जरौद के भूनेश्वर वर्मा, नरेन्द्र वर्मा ने भी बारिश से सब्जी फसल को काफी क्षति हाेने की जानकारी दी।
सुहेला. अंचल में लगी सब्जी की फसल को बारिश से पहुंचा नुकसान।
आंधी-बारिश से िबजली गुल
पलारी| ब्लाॅक मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर दूर पंद्रह सौ की आबादी वाले गांव टीला में बिजली सप्लाई बंद पड़ी है। गुरुवार को आई आंधी के बाद से गांव का बिजली बन्द हो गई है। ग्रामीण इसकी शिकायत विभाग के सण्डी कार्यालय में कर चुके हैं, इसके बावजूद तीन दिनों तक गांव में बिजली दुरुस्त नहीं हो सकी। ऐसे में पूरा गांव रात में अंधेरे में डूब जाता है। ऊपर से गर्मी और उमस के लोग अलग परेशान हो रहे हैं। बिजली कंपनी के अफसरों की उदासीनता से मजबूर ग्रामीण खुद टांसफार्मर को बनाने की जुगत लगा रहे हैं। ग्रामीण कृष्णा, शिवप्रसाद, रोमनाथ, श्याम लाल, रामजी, धनीराम, जुगुतराम आदि ने बताया की अक्सर जब भी आधी या बारिश आती है तो गांव की बिजली दो तीन दिन के लिए चली जाती है। ग्रामीणों का कहना है जब डीपी में फाल्ट आ जाता है तो कैसे भी करके हम खुद जान का रिस्क लेकर जोड़ लेते हैं। मगर इस बार मुख्य सप्लाई में समस्या है जो लाइन मेन ही दुरुस्त कर सकता है।