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14 करोड़ रु. में बना फिल्टर प्लांट, 4 साल बाद भी अधूरा, नगर में दूषित पानी की सप्लाई से लोगों में है आक्रोश

3 वर्ष पहले
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नगर में 15 दिन से दूषित पानी की सप्लाई होने से सोमवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने एकजुट होकर तहसीलदार और सीएमओ के यहां पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि यदि सात दिन में पेयजल व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन शुरु कर दिया जाएगा।

लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए नगर पंचायत ने मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना के तहत उर नदी पर वाटर फिल्टर प्लांट स्थापित किया है। इसे करीब 14 करोड़ की लागत से बनाया गया है। प्लांट को चार साल हो गए हैं, लेकिन अभी तक कंपलीट नहीं हो पाया है। लोगों का कहना है कि पानी को प्लांट पर साफ नहीं किया जा रहा है, नदी का पानी सीधे घरों में सप्लाई किया जा रहा है। पानी बदबूदार होने से पीने योग्य नहीं है। नगर के ज्यादातर कुएं एवं बोर सूख चुके हैं। लोग मजबूरी में गंदा पानी पीने को बाध्य हैं। इसके बाद भी नगर पंचायत ने जलकर बढ़ा दिया है।

रैली के रूप में पहुंचे तहसीलदार के पास

दूषित पेयजल सप्लाई से नाराज लोग रेस्ट हाउस में एकत्र हुए। इसके बाद रैली के रूप में तहसीलदार और सीएमओ के पास पहुंचे। यहां उन्हें ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर रामदीन वर्मा, किशोरी लाल कुशवाहा, अभय मोर, शान मोहम्मद खान, राकेश खरे, पवन सिंग्या, अनिल सोनी, पुष्पेंन्द्र सिंह, पार्षद कैलाश अहिरवार, बालचंद्र शुक्ला, प्रदीप गंगेले, सुनील व्यास सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

अनिल खरे | पलेरा

नगर में 15 दिन से दूषित पानी की सप्लाई होने से सोमवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने एकजुट होकर तहसीलदार और सीएमओ के यहां पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि यदि सात दिन में पेयजल व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन शुरु कर दिया जाएगा।

लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए नगर पंचायत ने मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना के तहत उर नदी पर वाटर फिल्टर प्लांट स्थापित किया है। इसे करीब 14 करोड़ की लागत से बनाया गया है। प्लांट को चार साल हो गए हैं, लेकिन अभी तक कंपलीट नहीं हो पाया है। लोगों का कहना है कि पानी को प्लांट पर साफ नहीं किया जा रहा है, नदी का पानी सीधे घरों में सप्लाई किया जा रहा है। पानी बदबूदार होने से पीने योग्य नहीं है। नगर के ज्यादातर कुएं एवं बोर सूख चुके हैं। लोग मजबूरी में गंदा पानी पीने को बाध्य हैं। इसके बाद भी नगर पंचायत ने जलकर बढ़ा दिया है।

2710 रु. में नए कनेक्शन

मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना की पाइप लाइन से नए कनेक्शन धारियों से 2710 रुपए एवं पुराने उपभोक्ताओं से 2210 रुपए वसूले जा रहे हैं, जिसे कम करने की मांग की गई है। नई पाइप लाइन बिछाने से नगर कि सभी सड़कों की सीसी रोड उखड़ गई है, जिसे शीघ्र ठीक कराने की मांग की है।

ब्लीचिंग पावडर भी नहीं डाला जा रहा : लोगों का कहना है कि नगर पंचायत द्वारा फिल्टर प्लांट पर ब्लीचिंग पावडर भी नहीं डाला जा रहा है। नई पाइप लाइन में भ्रष्टाचार किया गया है।

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