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सावों के सीजन में एटीएम से 2 हजार की नोटबंदी, बैंक भी टाल रहे बड़े भुगतान

3 वर्ष पहले
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शहर के बैंकों व एटीएम में अचानक से बड़े नोटों की कमी से सावों के सीजन में लोगों को नोटबंदी जैसे हालात का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि ग्राहकों के खातों में रुपए होने के बावजूद उन्हें बड़े भुगतान नहीं मिल रहे। छोटे बैंकों के एटीएम में भी कैश खत्म होने के बाद ताले लगे हैं। बड़े व राष्ट्रीयकृत बैंकों के एटीएम से भी 2 हजार के बजाय 5 सौ व सौ के नोट ज्यादा निकल रहे हैं।

नोट नहीं होने की वजह से लोगों की परेशानी बढ़ रही है। बैंक प्रबंधन से नकदी न मिलने की शिकायत की तो लिखकर दिया: चेस्ट ब्रांच से नकदी सप्लाई में कमी एटीएम व बैंकों में कैश की किल्लत को बैंक अधिकारी भले ही खुले तौर पर स्वीकार नहीं कर रहे। लेकिन बैंक शाखाओं के प्रबंधक खुद यह लिखकर दे रहे हैं कि चेस्ट ब्रांच से कैश पर्याप्त नहीं मिलने से यह समस्या आ रही है। बैंक ग्राहक नारायणलाल ने रुपए नहीं देने की लिखित शिकायत एसबीआई पुनायता शाखा के प्रबंधक को दी थी। इस पर बैंक ने लिखकर दिया कि नकदी सप्लाई में भारी कमी के कारण ग्राहकों के बड़े ट्रांजेक्शन की जगह छोटे-छोटे ट्रांजेक्शन किए जा रहे हैं। नकदी सप्लाई पर्याप्त होने पर ही बड़े भुगतान किए जा सकेंगे।

छोटे बैंकों के एटीएम में कैश खत्म

राष्ट्रीयकृत बैंकों के एटीएम से भी नहीं निकल रहे 2 हजार के नोट, लंबी कतारें

शादियों की सीजन की वजह से एटीएम मशीनों में कश की कमी आ गई है।

इनसाइड फैक्ट यह भी - 2 हजार के नोट रोके लोगों ने, वापस कम आ रहे बाजार में बैंक अधिकारियों ने दबी जुबान में स्वीकार किया कि 2 हजार के जितने नोट बैंकों से जारी हो रहे हैं उस अनुपात में वापस कम आ रहे हैं। देश में 18 लाख करोड़ की नकदी प्रचलन में है। इनमें से एक तिहाई हिस्सा 2 हजार के नोट के रूप में हैं। लेकिन बैंक से निकलने के बाद इनके वापस बाजार में रिटर्न होने का प्रतिशत कम है।

नकद भुगतान में बैंकों से दे रहे बड़ी संख्या में 100 के नोट, शादियों के सीजन में बढ़ रही मुश्किलें

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