कथावाचक बालकृष्णा ने बताई कृष्ण प्रेम की लीला
कथावाचक बालकृष्णा ने बताई कृष्ण प्रेम की लीला
पाली | शिवजी नगर स्थित शिव हनुमान मंदिर में चल रही मीराबाई कथा मंगलवार संपन्न हुई। अंतिम दिन कथा वाचक बालकृष्णा ने कहा कि मीराबाई भक्तिकाल की एक ऐसी संत हैं, जिनका सब कुछ कृष्ण के लिए समर्पित था। यहां तक कि कृष्ण को ही वह अपना पति मान बैठी थी। भक्ति की ऐसी चरम अवस्था कम ही देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि मीराबाई के बचपन में हुई एक घटना की वजह से उनका कृष्ण-प्रेम अपनी चरम अवस्था तक पहुंचा। एक दिन उनके पड़ोस में किसी बड़े आदमी के यहां बारात आई। सभी औरतें छत पर खड़ी होकर बारात देख रही थी। मीरा भी बारात देखने लगी। बारात को देख मीरा ने अपनी माता से पूछा कि मेरा दूल्हा कौन है। इस पर उनकी माता ने कृष्ण की मूर्ति की ओर इशारा कर के कह दिया कि यही तुम्हारा दूल्हा हैं। बस यह बात मीरा के बाल मन में एक गांठ की तरह बंध गई।