पाली | देश के 19 राज्यों एवं केंद्र शासित राज्यों में लागू होने के बाद रविवार से प्रदेश में भी इंट्रा स्टेट ई-वे बिल प्रणाली लागू होगी। इसके तहत 50 हजार से अधिक माल के राज्य के भीतर भी परिवहन करने पर यह व्यवस्था लागू होगी। इंटर स्टेट ई-वे बिल प्रणाली लागू होने के बाद अब इंट्रा यानी राज्य के भीतर ई-वे बिल प्रणाली व्यवस्था शुरू की जा रही है। इसमें यदि बिल में माल की टैक्स सहित कीमत 50 हजार रुपए से अधिक है तो माल पर ई-वे बिल जनरेट करना पड़ेगा। यदि एक ही बिल से करमुक्त माल एवं कर योग्य माल दोनों का परिवहन होता है तो कन्साइनमेंट वैल्यू की गणना करने के लिए उसमें टैक्सेबल माल की कीमत एवं टैक्स की राशि ही जोड़ी जाएगी। करमुक्त माल की कीमत को 50 हजार रुपए की लिमिट तय करने के लिए कन्साइनमेंट वैल्यू की गणना में नहीं जोड़ा जाएगा। जैसे कन्साइनमेंट वैल्यू साठ हजार रुपए है, जिसमें कर योग्य एवं करमुक्त माल व टैक्स की राशि सम्मिलित है और इसमें 25 हजार रुपए का कर मुक्त माल है तो इसे घटाने पर कन्साइनमेंट वैल्यू 35 हजार रुपए ही होने से माल पर ई-वे बिल नहीं जनरेट करना पड़ेगा।
जीएसटी में करमुक्त सभी वस्तुओं एवं जीएसटी से बाहर रहे लिकर, पेट्रोल, डीजल, क्रूड, नेचुरल गैस, एटीएफ के परिवहन की दशा में माल पर ई-वे बिल नहीं बनाना पड़ेगा। माल के परिवहन पर ई-वे बिल को जनरेट करने के 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन कैंसिल किया जा सकता है। पार्ट बी को अपडेट करने अर्थात वाहन नंबर दर्ज करने के लिए 15 दिन मान्य होंगे।