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मेडिकल कॉलेज की मान्यता पर संकट : एमसीआई ने कहा- इस सत्र के लिए नहीं होगा निरीक्षण

3 वर्ष पहले
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पाली समेत प्रदेश के तीन नए मेडिकल कॉलेज डूंगरपुर व भरतपुर की मान्यता के लिए इस बार होने वाले निरीक्षण के लिए एमसीआई ने ओवर साइट कमेटी का हवाला देकर निरीक्षण करने से साफ तौर से मनाही कर दी है। अब इसी सत्र से कॉलेज शुरू करने के लिए केंद्र सरकार व राज्य सरकार की ओर से इसी कमेटी से निरीक्षण के लिए सिफारिश की जाएगी।

जानकारी के अनुसार नवंबर में पाली मेडिकल काॅलेज की मान्यता के लिए हुए निरीक्षण के बाद मेडिकल काउंसलिंग ऑफ इंडिया की ओर से सौंपी रिपोर्ट में फैकल्टी से लेकर बिल्डिंग व अन्य खामियों का हवाला देते हुए मान्यता देने से साफ मना कर दिया था। इसके बाद केंद्र व राज्य सरकार ने फिर से निरीक्षण के लिए कवायद शुरू कर दी थी। मंगलवार को जब एमसीआई को फिर से निरीक्षण के लिए निर्देशित किया गया तो एमसीआई ने ओवर साइट कमेटी का हवाला देते हुए कहा कि कमेटी के नियमानुसार इस सत्र के नए मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण के लिए मनाही है। ऐसे में पाली समेत प्रदेश के तीन नए मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण नहीं हो सकता है। इसके चलते दोनों सरकारों की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ गई हैं और अब इसी कमेटी से एक बार फिर से निरीक्षण के लिए अपील की जाएगी।

एमसीआई ने दिया अोवरसाइट कमेटी का हवाला, अब सरकारी दखल हो तो ही निरीक्षण के लिए आएगी टीम

एमसीआई ने निरीक्षण से किया इनकार, अब उसी से अपील करेगी सरकार

एमसीआई ने ओवर साइट कमेटी का हवाला देते हुए तीनों मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने से इनकार कर दिया है। अब प्रदेश के नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने के लिए केंद्र व राज्य सरकार इसी कमेटी से अपील करेगी।

आगे क्या : यदि कमेटी सरकार की अपील स्वीकार करती है तो ही होगा निरीक्षण

तीनों मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी ने मान्यता के लिए शुरू की मुहिम

सरकार और कॉलेज प्रबंधन के अलावा तीनों मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी भी इसी सत्र से मान्यता दिलाने के लिए सकारात्मक पहल शुरू की है। इसके लिए पाली, डूंगरपुर और भरतपुर मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी ने सोशल मीडिया पर इस सत्र से मान्यता दिलाने की मुहिम शुरू की है। इसके लिए कमेटी से सिफारिश करने की कोशिश की जा रही है।



, ताकि इस सत्र की मान्यता के लिए निरीक्षण हो जाए।

चुनावी साल के चलते राज्य सरकार के लिए प्रदेश के नए मेडिकल कॉलेज शुरू करना जरूरी भी है। ऐसे में केंद्र सरकार के माध्यम से राज्य सरकार इस कमेटी को फिर से अपील करेगी। यदि कमेटी इसी सत्र के निरीक्षण के लिए स्वीकृति देती है तो ही एमसीआई का निरीक्षण होगा। यदि कमेटी अपील ठुकरा देती है तो इस सत्र के लिए मेडिकल कॉलेज का न तो निरीक्षण होगा और न ही मान्यता मिलेगी। ऐसे में अगले साल से एक बार फिर एलओपी के लिए आवेदन करना होगा।

राजमेस के अधिकारियों की लापरवाही बड़ा कारण

एमसीआई की रिपोर्ट के बाद जब उन्होंने मान्यता देने से मना कर दिया था इसके बाद भी पाली मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने कमियों को पूरा कर रिपोर्ट केंद्र को सौंप दी थी। 95 प्रतिशत काम पूरा हो गया। राजमेस अधिकारियों की लापरवाही व फीस जमा नहीं होने से यह मामला अटका। सारी कमियां पूरी होने के बाद भी मान्यता के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है।

मैंने इसको लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर इसी सत्र से मेडिकल कॉलेज सत्र शुरू करवाने और निरीक्षण के लिए पत्र लिखा है। इसमें ओवर साइट कमेटी का भी हवाला दिया है। हम पूरी तरह से प्रयास कर रहे हैं कि इस सत्र से काॅलेज शुरू हो जाए। हर दिन मैं खुद राजमेस के अधिकारियों से इस संबंध में फीडबैक ले रहा हूं। अपने स्तर पर भी प्रयास कर रहा हूं कि कमेटी निरीक्षण के लिए एमसीआई को स्वीकृति दे दें। - पीपी चौधरी, केंद्रीय विधि राज्यमंत्री

ओवरसाइट कमेटी का हवाला देकर एमसीअाई ने निरीक्षण के लिए मना कर दिया है। अब इसी सत्र की मान्यता के लिए और एमसीआई के दुबारा निरीक्षण के लिए ओवर साइट कमेटी को अपील करेंगे। - डॉ. दिलीप चौहान, प्रिंसिपल मेडिकल कॉलेज, पाली

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