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शहर में अब जलापूर्ति नगर परिषद को सौंपने की तैयारी

3 वर्ष पहले
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शहर में पेयजल सप्लाई की व्यवस्था जल्द ही नगर परिषद को सुपुर्द कर दी जाएगी। इसको लेकर जयपुर में जलदाय विभाग व रूडिप के चीफ इंजीनियर्स के साथ नगर परिषद आयुक्तों की बैठक में यह निर्णय हुआ है।

योजना में पाली के अलावा टोंक, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ व झुंझुनू जिले भी शामिल हैं। इन निकायों के आयुक्तों से संबंधित शहर की भौगोलिक स्थिति और पेयजल व्यवस्था संबंधी व्यवस्थाओं का प्लान व सुझाव मांगा गया है। हालांकि 5 साल पूर्व भी इस व्यवस्था को लेकर जलदाय विभाग के अधिकारियों को निर्देश मिलने पर नगर परिषद को पेयजल व्यवस्था सौंपने की पूरी तैयारी भी कर ली थी, लेकिन यह मामला किसी वजह से अटक गया था। अब दुबारा 5 जिलों को इस योजना में शामिल किया गया है। पूर्व में जैसलमेर व नाथद्वारा समेत 10 नगर निकायों को पेयजल व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी जा चुकी है। ज्ञात रहे कि शहरी जलप्रदाय योजनाओं के संचालन व मॉनिटरिंग को नगरीय निकायों को सौंपने की घोषणा वर्ष 2012-13 के बजट में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने की थी।

जिले में तखतगढ़ में पहले से ही पेयजल आपूर्ति व्यवस्था नगरपालिका के हाथ में है, पाली में व्यवस्थाएं संभालने के लिए जलदाय विभाग के इंजीनियर व तकनीकी स्टाफ शिफ्ट होगा नगर परिषद में

शहर में अभी 50 हजार घरों में पानी का कनेक्शन, 315 लाख लीटर पानी चाहिए प्रतिदिन

2.80 लाख आबादी है पाली शहर की

50 हजार उपभोक्ता हैं शहर में

528 हैंडपंप हैं नगर परिषद के क्षेत्र में

315 लाख लीटर पानी प्रतिदिन जलापूर्ति

धर्मेंद्र त्रिवेदी | पाली

शहर में पेयजल सप्लाई की व्यवस्था जल्द ही नगर परिषद को सुपुर्द कर दी जाएगी। इसको लेकर जयपुर में जलदाय विभाग व रूडिप के चीफ इंजीनियर्स के साथ नगर परिषद आयुक्तों की बैठक में यह निर्णय हुआ है।

योजना में पाली के अलावा टोंक, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ व झुंझुनू जिले भी शामिल हैं। इन निकायों के आयुक्तों से संबंधित शहर की भौगोलिक स्थिति और पेयजल व्यवस्था संबंधी व्यवस्थाओं का प्लान व सुझाव मांगा गया है। हालांकि 5 साल पूर्व भी इस व्यवस्था को लेकर जलदाय विभाग के अधिकारियों को निर्देश मिलने पर नगर परिषद को पेयजल व्यवस्था सौंपने की पूरी तैयारी भी कर ली थी, लेकिन यह मामला किसी वजह से अटक गया था। अब दुबारा 5 जिलों को इस योजना में शामिल किया गया है। पूर्व में जैसलमेर व नाथद्वारा समेत 10 नगर निकायों को पेयजल व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी जा चुकी है। ज्ञात रहे कि शहरी जलप्रदाय योजनाओं के संचालन व मॉनिटरिंग को नगरीय निकायों को सौंपने की घोषणा वर्ष 2012-13 के बजट में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने की थी।

सबसे ज्यादा सड़कें पानी कनेक्शन के लिए टूटती हैं, इसीलिए एक ही जगह दोनों जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय नगर परिषद आयुक्त इंद्रसिंह राठौड़ का कहना है कि शहर की पेयजल व्यवस्था नगर परिषद को सौंपने को लेकर जयपुर में हुई बैठक में जल्द से जल्द पेयजल व्यवस्था सौंपने के आदेश भी जारी किए गए हैं। इससे नगर परिषद को राजस्व भी मिलेगा तो परेशानी भी कम होगी। ज्यादातर सड़कें पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने और नल कनेक्शन देने में टूटती हैं। वर्तमान में 24 घंटे जलापूर्ति का काम भी चल रहा है। एक ही जगह दोनों काम होने से योजनाबद्ध तरीके से बेहतर काम होगा।

जलदाय विभाग का तकनीकी स्टाफ करेगा मदद जलदाय विभाग का तकनीकी स्टाफ नगर परिषद की ओर से की जाने वाली सप्लाई में तकनीकी सहयोग देगा। जलदाय विभाग केवल जलस्रोतों से पानी लिफ्ट कर टंकियों को भरेगा, जबकि सप्लाई का बंदोबस्त नगर परिषद को करना होगा।

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