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घटना एक साल पहले यूपी की, अब जिले की बताकर वीडियो वायरल किया

3 वर्ष पहले
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माहौल बिगाड़ने का प्रयास

भास्कर संवाददाता | पाली
सोशल मीडिया पर इन दिनों ऐसे वीडियो वायरल करने की भरमार हो गई है, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के साथ ही जाति-वर्ग के बीच वैमनस्यता बढ़ रही है। ऐसा ही माहौल बिगाड़ने के प्रयास का एक मामला शुक्रवार को पाली जिले में भी सामने आया। असल में एक वृद्ध व्यक्ति द्वारा मासूम बच्ची से ज्यादती का वीडियो गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिसमें बताया गया कि यह वीडियो जिले के रायपुर इलाके का है। वायरल वीडियो के साथ इलाके के ही एक व्यक्ति को कथित रूप से आरोपी तक बना दिया और उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग के लिए कुछ लोग पुलिस तक भी पहुंच गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सुझबूझ से काम लेते हुए वायरल वीडियो की छानबीन की। शुरूआती जांच में ही पुलिस को यह पता लगा कि यूपी के मुजफ्फरपुर इलाके में मासूम बच्ची से हुई ज्यादती का वीडियो है, जिसे पाली जिले के रायपुर का बताते हुए किसी ने सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। अब पुलिस इस मामले के तह में जाकर जांच करने में जुटी है।

एक साल पहले यूपी की घटना, बूंदी से भी जोड़ा था
पुलिस के अनुसार यूपी के मुजफ्फरपुर में जुलाई 2017 को एक वृद्ध व्यक्ति ने मासूम बच्ची से ज्यादती का प्रयास किया था। आरोपी को रंगे हाथों पकडा़ने के लिए किसी ने उसकी हरकत को मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया और यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जो अब भी जेल में है। चार-पांच माह पहले इसी वीडियो को बूंदी जिले के एक कस्बे से जोड़ दिया। वीडियो में दिखने वाले आरोपी की हूबहू शक्ल दिखने वाले बूंदी जिले के एक व्यक्ति को इसमें आरोपी बना केस दर्ज कराया गया। साइबर तकनीक से जांच में बाद में पता चला कि किसी ने एडीटिंग कर वीडियो को बूंदी का बता वायरल कर दिया। ठीक ऐसा ही पाली जिले में भी किया गया। एसपी दीपक भार्गव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित एक्शन लेकर साइबर तकनीक से जांच कराई। तब शुरूआती जांच में ही यह खुलासा हो गया कि किसी ने माहौल बिगाड़ने के लिए वीडियो के साथ फर्जी घटनाक्रम जोड़ कर वायरल कर दिया। एसपी भार्गव ने बताया की इस मामले की तह तक जाकर जांच की जा रही है, जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वायरल सच
भास्कर समानान्तर जांच में उजागर हुआ सच, पुलिस ने भी माना वीडियो फर्जी
सामाजिक मान मर्यादा, अमन चैन और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए दैनिक भास्कर हमेशा एक सजग प्रहरी के रुप में अपनी भूमिका को हमेशा ही बखूबी निभाता रहा है। इसके चलते सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की अपने स्तर पर समानांतर पड़ताल की तो हमारे हाथ भी वही फैक्ट लगे, जो पुलिस की शुरूआती जांच में सामने आ गए हैं। मान-मर्यादा के कारण इस वीडियो के साथ सोशल मीडिया पर जाति-धर्म को भड़काने व एक बेकसूर व्यक्ति के चरित्र हनन वाली पोस्ट को भी उजागर नहीं कर रहा है। क्योंकि इससे धार्मिक भावना के साथ शांतिप्रिय माने वाले जिले के लोगों की शांति में भी खलल पैदा होता है। भास्कर लोगों से सादर अपील करता है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह का वीडियो वायरल करने से बचे और ऐसे किसी वायरल वीडियो या पोस्ट के बारे में तुरंत ही पुलिस को बताए, ताकि अप्रिय घटना को रोका जा सके।

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