पाली| राणावास के वर्धमान स्थानकवासी जैन शिक्षण संघ परिसर में शुक्रवार को अमृत मुनि महाराज ने कहा कि मूल्य आधारित शिक्षा पद्धति के विकास से ही समाज व राष्ट्र का विकास संभव है। उन्होंने कहा कि आज देश को नैतिक शिक्षा की महत्ती जरूरत है। आधुनिक शिक्षा पद्धति से अच्छे वकील, डॉक्टर, इंजीनियर, और वैज्ञानिक प्रतिभाएं निर्मित हो रही है, लेकिन नैतिक एवं चारित्रिक मूल्यों से अनुप्राणित व्यक्तित्वों का विकास नहीं हो पा रहा है। इस अवसर पर अखिलेश मुनि व डॉ. वरूण मुनि ने उद्बोधन दिया। शुक्रवार सुबह तीनों जैन संतों का शिक्षा संघ में आने पर स्वागत किया गया। यह संत शनिवार को राणावास से विहार कर सारण गांव स्थित पुष्पवती गौशाला पहुंचेंगे।