पहली बार पकड़े गए आरोपी, बगरू थाने के कांस्टेबल की सजगता से नाकाबंदी के दौरान तीनों गिरफ्तार
भास्कर संवाददाता | जयपुर/पाली
जयपुर के बगरू थाना पुलिस ने प्रदेश की संभवत: सबसे बड़ी अफीम तस्करी में कार्रवाई करते हुए 1 क्विंटल से अधिक मात्रा में अफीम बरामद करने में सफलता हासिल की है। पाली जिले के रोहट तथा जोधपुर के लूणी में रहने वाले तीन तस्करी यह अफीम झारखंड प्रदेश से खरीदकर मारवाड़ इलाके में सप्लाई करने के लिए राजस्थान में तो बेखौफ प्रवेश कर गए, मगर अजमेर रोड पर बगरू थाना पुलिस की नाकाबंदी के दौरान पकड़े गए।
बरामद की गई अफीम की बाजार में कीमत 2 से 2.50 करोड़ तक बताई जाती है। आरोपियों से पुलिस सघनता से पूछताछ कर रही है। आरोपियों ने प्रारंभिक पूछताछ में स्वीकार किया है कि वे पूर्व में कई बार अफीम लाकर सप्लाई कर चुके हैं, मगर पहली बार पकड़े गए हैं। जयपुर से पुलिस ने पाली तथा जोधपुर से आरोपियों के बारे में रिकार्ड मांगा है। जयपुर कमिश्नरेट के डीसीपी पश्चिम अशोक गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी बाबूलाल विश्नोई (32) व आरोपी राकेश विश्नोई (22) गांव भाकरी, जिला रोहट, थाना पाली के रहने वाले हैं। वहीं, तीसरा आरोपी भागीरथ विश्नोई (42) गांव विष्णु नगर, थाना लूणी, जिला जोधपुर का रहने वाला है। ये तीनों मादक पदार्थों की तस्करी करते हुए पहली बार पुलिस के हत्थे चढ़े है। आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वे लंबे अरसे से मादक पदार्थों की तस्करी करते हैं। वे मादक पदार्थों के थोक विक्रेता है तथा राजस्थान में जोधपुर, पाली, बाड़मेर, जैसलमेर, जालोर जिले व आसपास के इलाकों में अन्य ग्राहकों को मादक पदार्थ बेचते हैं। ये इतनी शातिराना तरीके से यह कारोबार करते है कि पहले कभी पकड़े नहीं जा सके।
झारखंड से अफीम खरीदकर बोलेरो से जोधपुर जा रहे थे तस्कर
एडिशनल डीसीपी रतन सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों ने झारखंड के चतरा जिले में किसी व्यक्ति से एक क्विंटल 860 ग्राम अफीम खरीदी थी। इसे बोरों में भरकर बोलेरो में छिपाकर रख लिया। इसके बाद शुक्रवार को झारखंड से जोधपुर के लिए रवाना हो गए। शनिवार रात को अजमेर रोड पर नेशनल हाइवे से होकर गुजर रहे थे। तभी पश्चिम जिले के बगरु थाना इलाके में पुलिस ने ठीकरिया गांव के पास नाकाबंदी कर रखी थी। जहां पुलिस ने बोलेरो को चेकिंग के लिए रुकवाया। तब तलाशी लेने पर एक प्लास्टिक के कट्टे व तीन अलग-अलग बैग नजर आए। इन्हें खोलकर देखने पर अवैध अफीम भरी हुई मिली। तब पुलिस ने तीनों तस्करों को हिरासत में लेकर बोलेरो और अफीम को जब्त कर लिया। लाइसेंस व परमिट मांगा गया। तब वे तीनों टालमटोल करने लगे। पूछताछ में तस्करी का मामला सामने आने पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज कर लिया।
कांस्टेबल की सजगता से जयपुर पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी
डीसीपी गुप्ता के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से मादक पदार्थों की तस्करी की शिकायत बगरु थानाप्रभारी राजेंद्र सिंह शेखावत को मिल रही थी। डीसीपी के मुताबिक बगरु थाने के कांस्टेबल चंद्रभान ने तस्करी का पर्दाफाश करने में अहम रोल निभाया। कांस्टेबल चंद्रभान ने तस्करी की पुख्ता सूचना होने पर थानाप्रभारी को बताया। तब ठीकरिया इलाके में नाकाबंदी करवाई गई थी। इसमें अफीम की तस्करी पकड़ी गई। डीसीपी गुप्ता का दावा है कि जयपुर में अब तक की यह सबसे बड़ी अफीम तस्करी का मामला है। जिसमें 100 किलो से ज्यादा अवैध अफीम पकड़ी गई।