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डरी स्कूल में सिलेंडर की आग से शिक्षक की मौत के बाद जिले के शिक्षकों ने पेश की मिसाल, परिवार के लिए जुटाए 23 लाख रुपए

3 वर्ष पहले
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विद्यार्थियों में शिक्षा व संस्कार जगाने की प्रेरणा दे रहे डरी जब्बरगढ़ ढाणी स्कूल के शिक्षक गोपाराम अपनी ड्यूटी के दौरान ही अपनी जान की बाजी लगाकर समूचे शिक्षक जगत के साथ पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गए हैं। इधर, जिलेभर के शिक्षकों ने उनके परिवार को आर्थिक परेशानी का सामना नही करना पड़े। इसके लिए अपने स्तर पर 23 लाख की राशि एकत्रित कर परिवार को सुपुर्द की। गौरतलब है कि शिक्षक गोपाराम की स्कूल के रसोईघर में पोषाहार पकाते वक्त आग से झुलस रहे तीन जनों को आग से बचाने से मौत हो गई थी। जिले भर के शिक्षक घटना के बाद स्तब्ध है। वे अब मृतक शिक्षक तथा गंभीर रूप से झुलसे हेल्पर के परिजनों की सहायता के लिए आगे आ रहे हैं। इसके लिए अपने स्वयं के विवेक के आधार पर जिले के सभी 321 पीईईओ ने अपने अधीन आने वाले शिक्षकों ने राशि इक्कठा करना शुरु कर दिया है।

सोशल मीडिया पर चलाया अभियान

शिक्षकों ने सोशल मीडिया पर वाट्सएप ग्रुप के माध्यम से राशि इक्कठा की। डरी प्रधानाचार्य रवींद्रसिंह ने बताया कि शिक्षकों ने स्कूल स्तर पर सहयोग राशि एकत्रित करने का सघन अभियान छेड़ दिया था। पीईईओ स्तर पर भी वाट्सएप ग्रुप बनाकर राशि देने वालों के नाम जोड़े।

जब्बरगढ़ डरी दुखांतिका के लिए गठित की कमेटी

इसके लिए कमेटी का गठन करके रुपए एकत्रित किए। खास बात यह रही कि 23 लाख की यह राशि सभी शिक्षकों ने अपने वेतन से दी। न की कोई सरकारी आदेश के बाद। अपने विवेक के अनुसार शिक्षकों ने राशि दी। -रवींद्रसिंह, प्रधानाचार्य, डरी

पहल

अपनी जान गंवाने वाले शिक्षक गोपाराम व घायल हेल्पर की मदद को आगे आए जिलेभर के शिक्षक

गाेपाराम के परिजनों को आर्थिक सहायता देते शिक्षक पदाधिकारी।

आग में कूदकर बचाई थी महिला कुक की जान

गौरतलब है गुड़ा एंदला थाना क्षेत्र में ग्राम पंचायत डरी के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय जब्बरगढ़ की ढाणी में 6 अप्रैल को सुबह गैस सिलेंडर फटने से दो शिक्षक व एक कुक कम हेल्पर गंभीर रुप से झुलस गए। रसोई घर मे गैस सिलेंडर लीकेज होने के कारण ये ब्लास्ट हुआ। जिससे रसोई घर जलकर खाक हो गया। इस दौरान कुक कम हेल्पर खाना बना रही थी। उसके चीखने की आवाज सुनकर शिक्षक गोपाराम चौधरी व मोतीलाल प्रजापत ने अपनी जान की परवाह किए बिना ही महिला को बचाने के लिए रसोई में चले गए। उन्होंने जलती महिला को बाहर निकाला व सिलेंडर दूर फेंक दिया था, जिससे अध्यापक बुरी तरह से झुलस गए। बाद में शिक्षक गाेपाराम चौधरी की अहमदाबाद में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

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