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माइनिंग प्रभावित गांवों में सुविधाओं के लिए मिनरल फाउंडेशन खर्च करेगा सवा सौ करोड़़

3 वर्ष पहले
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जिले में खनन प्रभावित क्षेत्रों व गांवों के विकास के लिए जिला मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट की और से विकास कार्यों के लिए करोड़ों का बजट आवंटित हुआ है। पहली बार जिले को शिक्षा, चिकित्सा, पीएचडी व पीडब्लूडी के कार्यों के लिए यह बजट मिला है। कलेक्टर सुधीर कुमार शर्मा ने इन सभी कार्यों को अगले दो माह में शुरु करने भी निर्देश जारी कर दिए है।

खास बात यह कि यह सभी कार्यों बुनियादी सुविधाएं बढाने के लिए किए जाएंगे। इसमें स्कूलों में इंटरनेट से लेकर विज्ञान लैब व कंप्यूटर लैब तक की स्थापना होगी। इसको लेकर सभी विभागों से प्रस्ताव बनाकर स्वीकृतियां भी जारी कर दी गई है। इस बजट से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल समस्या का भी पूरी तरह से निस्तारण हो जाएंगा। ऐसे क्षेत्र जहां खनन कार्य होता है उसके आस-पास के प्रभावित क्षेत्र में विकास जैसे कि सड़क, बिजली-पानी, शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाने के लिए एक विशेष कोष का गठन वर्ष 2016 में किया गया। इसे डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट नाम दिया गया है। कई विभागों के साथ ही जिला प्रमुख और विधायकों को इस ट्रस्ट में शामिल किया गया है। इसमें जिलाप्रमुख व विधायक भी सदस्य होते है।

कलेक्टर सुधीर कुमार शर्मा ने दिए दो माह में कार्य शुरू करने के आदेश

क्या है जिला मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट

जिले में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास कार्यों के लिए काम करता है, इसमें ज्यादातर बजट शिक्षा, पेयजल, मेडिकल, पर्यावरण व सड़क पर किया जाता है खर्च। इनकी भी दो श्रेणियां हैं। इसमें 60 व 40 फीसदी का औसत रहता है।

ग्रामीणों को पीने का पानी पहुंचाने के लिए 49 कार्य, 22. 65 करोड़ खर्च होंगे

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए नई पाइपलाइन बिछाने से लेकर उच्च जलाशय का निर्माण, जीएलआर के साथ-साथ पेयजल प्रोजेक्ट पर भी काम होगा। इसके लिए 49 बड़े कार्य करवाएं जाएंगे। ये कार्य भी अगले एक-डेढ़ माह में शुरू करवाए जाएंगे।

बजट कितना, आता कैसे है

खनन पट्टाधारियों से जो रॉयल्टी वसूल की जाती है। उसमें प्रधान खनिज की रॉयल्टी का 30 प्रतिशत और अप्रधान खनिज का 10 प्रतिशत इस ट्रस्ट में जमा होता है। इस राशि का 60 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल के लिए और 40 प्रतिशत हिस्सा सड़क व अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए खर्च करने का प्रावधान है।

20 करोड़ रुपए की लागत से यह कार्य भी होंगे

मिनरल फाउंडेशन के तहत कलेक्टर से अगस्त 2017 में शिक्षा विभाग के 88 कार्य भी पूरे करा दिए हैं। साथ ही पीएचडी के 18 व पीडब्लूडी का एक कार्य भी शामिल है। इसमें पर कुल 20 करोड का बजट खर्च किया जा रहा है।

जिले के 113 स्कूलों में 29.80 करोड़ रुपए से बनेंगे कक्षा कक्ष, विज्ञान लैब, आर्ट एंड ग्राफ्ट रूम व खेल मैदान

जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों के 113 स्कूलों में अतिरिक्त कक्षा-कक्ष, लाइब्रेरी, विज्ञान लेब, कंप्यूटर लैब, आर्ट एंड ग्राफ्ट रूम, शौचालय व इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके साथ ही खेल मैदानों का भी विकास होगा। यह कार्य एक माह में शुरू होने की उम्मीद हैं।

सवा करोड़ से अस्पतालों को मिलेंगे नए उपकरण, मशीनें व उपचार किट

मेडिकल सुविधाएं बढाने के लिए मेडिकल के नए किट व उपकरण खरीदे जाएंगे। एक्सरे मशीन से लेकर चिकित्सा सुविधा बेहतर करने में भी बजट खर्च।

33 सड़कों के लिए भी 74 करोड़ का बजट, प्रस्ताव तैयार : इसमें जिले की 33 सड़कों के निर्माण के लिए 74 करोड़ का बजट खर्चा होगा। इन सड़कों का डामरीकरण के साथ-साथ छोटे-मोटे पुलियों का भी निर्माण किया जाएगा।

विभिन्न कार्यों के निर्देश जारी कर दिए हैं

जिले में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए विभिन्न स्वीकृतियां जारी की गई है। इसमें आगे भी जारी रहेगी। सड़क, पेयजल व शिक्षा पर ज्यादा से ज्यादा बजट खर्च किया जा रहा है। इससे खनन प्रभावित इलाकों में विकास कार्यों होगे। इसको लेकर निर्देश भी जारी कर दिए हैं। - सुधीर कुमार शर्मा, कलेक्टर

एक नजर में ट्रस्ट

2016 में इस कोष की स्थापना, 2017 में ट्रस्ट बना।

2016-17 में 31 करोड़ 53 लाख का राजस्व जमा

20 करोड़ से अधिक इस वित्तीय वर्ष में ट्रस्ट को मिले

20.59 करोड़ के 107 कार्यों के प्रस्ताव पारित।

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