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रिश्वत के आरोपी थानेदार को 7 साल का कठोर कारावास

3 वर्ष पहले
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सादड़ी के युवक को चोरी के मामले में फंसाने की धमकी देकर रिश्वत ली, जोधपुर में कार्यरत थानेदार, 25 हजार का अर्थदंड भी देना होगा

भास्कर संवाददाता | पाली

जोधपुर एसीबी कोर्ट के न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा ने सादड़ी के युवक को चोरी के मुकदमे में झूठा फंसाने का डर दिखाकर उससे 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए जोधपुर के थानेदार को 7 साल की कठोर सजा से दंडित किया है। कोर्ट ने उस पर 25 हजार रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया है। सहायक निदेशक अभियोजन (भ्रष्टाचार निरोधक) एनके सांखला ने बताया कि अगस्त 2014 में जोधपुर के खांडा फलसा थाने में ओमप्रकाश माचवाल पुलिस उप निरीक्षक के पद पर कार्यरत था। उसने पाली जिले के सादड़ी निवासी मोहम्मद निसार को चोरी के मुकदमे में झूठा फंसाने की धमकी दी। ऐसे मुकदमे में नहीं फंसाने के एवज में 25 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। परिवादी ने कुछ कम करने का आग्रह किया। इसके बाद परिवादी ने एसीबी में इसकी शिकायत कर दी थी। गत 26 अगस्त 2014 को वह रिश्वत राशि के रूप में 5 हजार रुपए देने गया। इस समय मौजूद जोधपुर ग्रामीण एसीबी के अधिकारियों ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था। कोर्ट में बहस के दौरान सहायक निदेशक अभियोजन सांखला ने कोर्ट को बताया, कि वर्तमान में हर जगह भ्रष्टाचार का बोलबाला है। इस कारण भ्रष्ट लोगों के प्रति नरमी का रुख नहीं अपनाते हुए कठोर से कठोर दंड देना चाहिए। सभी पक्षों की सुनवाई तथा पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने धारा 7 पीसी एक्ट में पांच साल का कठोर कारावास व 20 हजार के अर्थदंड से दंडित किया, जबकि धारा 13 (1)(डी)2 पीसी एक्ट में सात वर्ष का कठोर कारावास व 25 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित करने के आदेश दिए।

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