पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • उद्यमियों ने कहा ई वे बिल में संशोधन राहत देगा, अभी और भी संशोधन करने की जरूरत

उद्यमियों ने कहा- ई-वे बिल में संशोधन राहत देगा, अभी और भी संशोधन करने की जरूरत

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
टेक्सटाइल कारोबार से जुड़े 4 जिलों सहित पाली ने पहली बार जीएसटी में सुधार के लिए जॉब वर्क को प्रदेशभर में ई-वे बिल से मुक्ति की मांग की। मुख्य वित्त सचिव, केंद्रीय वित्त मंत्री व मुख्यमंत्री से हुई मुलाकातें रंग लाई और 50 किमी के दायरे में जॉब वर्क ई-वे बिल से मुक्त हो गया। -विनय बंब, अध्यक्ष आरटीएचपीए

टेक्सटाइल उद्याेग नगरी के तौर पर प्रतिष्ठित पाली को इस ई-वे बिल के संशोधन से बहुत फायदा होगा। एक से दूसरे यूनिट में कारोबार से जुड़े विभिन्न प्रक्रियाओं को पूरा करने मे आसानी होगी। व्यापारियों ने भी राहत महसूस की है। -रवि मोहन भूतड़ा, उपाध्यक्ष मंडिया रोड एसोसिएशन

अपने शहर में पुनायता औद्योगिक क्षेत्र से लेकर विभिन्न औद्योगिक इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी पुख्ता नहीं रहती। इससे भी ई-वे बिल बनाने में समस्या रहती थी, अब इसका समाधान होगा। -अनिल मेहता, अध्यक्ष, सीईटीपी

जॉब वर्क से जुड़े टेक्सटाइल उद्योग में कई चरणों में काम होता है। डाइंग भी इसमें से एक है। इस छूट का लाभ डाइंग व्यवसायियों को भी मिलेगा। यह बड़ी खुशी है। -अंकित भंसाली, डाइंग व्यवसायी

पाली. भास्कर की ओर से आयोजित टॉक शो में जॉब वर्क में ई-वे बिल संबंधी छूट पर चर्चा करते उद्यमी। फोटो : भास्कर

ई-वे बिल संबंधी संशोधन का लाभ टेक्सटाइल के साथ ही ग्रेनाइट, चूड़ी, पाइप व पाली में चल रहे कई लघु उद्योगों से जुड़े जॉब वर्क को मिलेगा, जिसका अप्रत्यक्ष लाभ उद्यमियों को मिलेगा। -जगदीश हेड़ाऊ, सीए

यहां के कारखानों में सुबह से लेकर शाम तक विभिन्न चरणों में मैनपॉवर उपस्थित रहती है। परंतु टेक्सटाइल संबंधी कुछ जॉब वर्क रात में भी होते है। ऐसे में ई-वे बिल के लिए अलग से व्यक्ति रखने से छूट मिलेगी। -सुनील पौद्दार, उद्यमी

इस संशोधन से टेक्सटाइल सहित पाली में काम कर रहे कई छोटे-मोटे उद्योगों को लाभ तो मिलेगा। परंतु यही छूट यदि 50 के बजाय 100 किमी के दायरे में मिलती तो ज्यादा अच्छा रहता। - राकेश मेहता, ट्रेडर

संशोधनों के इस दौर में ई-वे बिल के साथ ही सेसकर संबंधी मुद्दों पर भी जरुरी क्रियान्विति होनी चाहिए। दो माह पहले केएलडी आधारित सेसकर व्यवस्था लागू होनी चाहिए। - कैलाश टेवाणी, अध्यक्ष, पाली टेक्सटाइल ट्रेडिंग एसोसिएशन

हालांकि इस संशोधन से थोड़ी आसानी जरूर हुई है, लेकिन एक ही मालिक की दो औद्योगिक इकाइयों पर भी जॉब वर्क की यह छूट मिलनी चाहिए। -शानू पारख, सीए

उद्यमियों व सीए ने दिए 4 सुझाव

1. यह छूट 50 से बढ़ाकर 100 किमी के दायरे में की जाए

2. एक ही उद्योगपति की एक से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों पर भी यह छूट लागू हो

3. इंटरनेट कनेक्टिविटी नियमित बनाई जाए

4. 31 जुलाई तक जॉब वर्क करने वालों के क्रेडिट संबंधी भ्रम को दूर किया जाए

31 जुलाई तक जॉब वर्क करने वालों को क्रेडिट मिलने से लैप्स संबंधी प्रावधान भी है। इसका भी इस संशोधन के माध्यम से समय रहते निवारण होना चाहिए। -जगदीश गोकानी, सीए

जीएसटी के प्रावधानों में जटिलताएं बहुत हैं। यह संशोधन सरलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी। -प्रदीप सांड, सचिव आरटीएचपीए

ई-वे बिल से राहत मिलेगी। छोटे उद्यमियों को इस संशोधन का लाभ, जो टेक्सटाइल उद्योग के विकास में सहायक साबित होगा। -सुनील गुप्ता, सचिव लघु उद्योग भारती

टेक्सटाइल कारोबार में वैसे भी बहुत मानव शक्ति का उपयोग होता है। ई-वे बिल के सिलसिले में अतिरिक्त मैनपॉवर लगानी होती है। अब इससे राहत मिलेगी। सरकार का फैसला स्वागत योग्य है। -हितेश अग्रवाल, सीए

जीएसटी संबंधी प्रावधानों को पूरा करने में बहुत ज्यादा क्रॉस चेकिंग करनी पड़ती है। व्यवसायिक स्तर पर जरा सी चूक भारी जुर्माने का कारण बनती है। अब इस संशोधन से थोड़ी सरलता रहेगी। -प्रकाश गुंदेचा, ट्रस्टी सीईटीपी

खबरें और भी हैं...