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रेंसमवेयर का एक बार फिर सायबर अटैक, लाभार्थियों के साथ आधार का डाटा हैक

3 वर्ष पहले
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शहर में एक बार फिर से रेंसमवेयर वायरस के जरिए सायबर अटैक का मामला सामने आया है। इस बार आधार व ई-मित्र केंद्र को निशाना बनाया गया है। इसमें 1 हजार से अधिक लोगों के आधार के डाटा के साथ ही राज्य सरकार की योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों का डाटा था। अब हैकर इसके लिए 30 डॉलर वो भी बिट काइन की मांग कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार पंचायत समिति परिसर में ही मुकेश पटेल का आधार कार्ड व ई-मित्र केंद्र संचालित होता है। सोमवार दोपहर अचानक से सिस्टम चलते-चलते बंद हो गया। इस पर जब कम्प्यूटर को फिर से रि-स्टार्ट किया तो उसमें एक मास्क पहले आदमी की फोटो के साथ ही यह संदेश लिखा था कि उसका सारा डाटा हैक कर लिया है। यदि वह इसे पाना चाहता है तो ई-मेल करना होगा और इसके लिए हैकर ने 30 डॉलर भी मांगे वो भी बिट काइन की कीमत के। साथ ही मांग पूरी नहीं करने पर उसने डाटा उड़ाने की भी धमकी दी।

1 हजार के करीब आधार कार्ड समेत अन्य योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों का डाटा

केंद्र संचालक मनोज पटेल ने बताया कि उनके सिस्टम में 1 हजार से अधिक लोगों के आधार कार्ड की जानकारी के साथ ही राशन कार्ड, भामाशाह कार्ड व श्रमिक कार्ड लाभार्थियों की जानकारी थी। इसमें 275 लोगों के राशन कार्ड, 400 से अधिक भामाशाह कार्ड धारकों और 125 श्रमिक कार्ड की जानकारी थी, जो हैक हो गई है।

हैकर ने डाला डरावना फोटो, उसी के साथ भेज रहा है मैसेज

सिस्टम हैक करने के बाद हैकर लगातार अपने डरावने फोटो सिस्टम पर डाल रहा है। यानी, पूरा सिस्टम वह खुद संचालित कर रहा है। कम्प्यूटर इंजीनियर जितेंद्र परसवानी ने बताया कि इसी फोटो के साथ वह मैसेज भेज रहा है और सारी फाइल इंक्रीप्शन कर दी है। इसके लिए वह बड़ी राशि की मांग कर रहा है।

धोखाधड़ी

पाली पंस के पास स्थित अाधार व ई-मित्र केंद्र का डाटा हैक, रिकवर करने के लिए मांग रहे हैं रुपए

पहले भी इसी वायरस के जरिए हो चुके हैं सिस्टम हैक, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से खतरा सबसे अधिक

शहर में इस रेंसमवेयर के जरिए सिस्टम हैक करने की घटना पहली नहीं है। इससे पहले भी कई लोगों के सिस्टम इस वायरस के जरिए हैक किए जा चुके हैं। सायबर एक्सपर्ट नीलेश पुरोहित ने बताया कि ऐसे वायरस से सिस्टम हैक होने का सबसे बड़ा खतरा ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के साथ ही ऑनलाइन खरीदी व अन्य है। इसके लिए जरूरी है कि वर्चुअल की-बोर्ड का इस्तेमाल करें और अपने सिस्टम को सुरक्षित करें।

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