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बीसीआई की अनुमति नहीं, नया सत्र शुरू होने के एक माह बाद भी लाॅ कॉलेज में प्रथम वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया अटकी

3 वर्ष पहले
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लॉ कॉलेज में नया सत्र शुरू होने के बाद 1 महीने के बाद भी प्रथम वर्ष में प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहींं हो सकी है। राज्य सरकार एवं यूनिवर्सिटी की अनुमति के मिलने के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया की अनुमति नहीं मिलने से प्रथम वर्ष के छात्रों को इंतजार करना पड़ रहा है। इसके चलते विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए बार-बार लॉ कॉलेज के चक्कर काटने पर पड़ रहे हैं। हालांकि लॉ कॉलेज में प्रवेश को लेकर अनुमति देने को लेकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया को पत्र लिखा गया है। इसके बाद भी अभी तक अनुमति नही मिली है।

1 माह 8 दिन बीते, शुरू नहीं हुए प्रवेश : पाली लॉ कॉलेज में प्रथम वर्ष के दाखिलों पर तलवार लटकी हुई है। अगस्त के 8 दिन बीत चुके हैं। कॉलेज शिक्षा निदेशालय ने हमेशा की तरह बार कौंसिल ऑफ इंडिया की मंजूरी के बगैर दाखिले नहीं करने की शर्त लगाई है। बीसीआई ने लॉ कॉलेज में सीमित संसाधन और शिक्षकों को कमी को देखते हुए सरकार से अंडर टेकिंग मांगी थी। यह अवधि भी खत्म हो चुकी है।

प्रवेश प्रक्रिया में शिक्षकों की कमी भी बड़ी बाधा : यूजीसी के नियमानुसार किसी भी विभाग में एक प्रोफेसर, दो रीडर और तीन लेक्चरर होने चाहिए। राज्य के पाली, कोटा, नागौर, बूंदी, सीकर, भीलवाड़ा, सिरोही, चूरू, अजमेर, झालावाड़, धौलपुर सहित किसी लॉ कॉलेज में पर्याप्त स्टाफ नहीं है। किसी कॉलेज में शारीरिक शिक्षक, खेल मैदान, सभागार, और अन्य सुविधाएं नहीं हैं।

पिछले साल केंद्रीय मंत्री पीपी चौधरी के हस्तक्षेप पर मिली थी मान्यता : पिछले साल भी करीब 4 माह तक बार कौंसिंल ऑफ इंडिया की अनुमति नहीं मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय विधि राज्यमंत्री पीपी चौधरी के पास पहुंचा था। तब उन्होंने तुरंत ही इस मामले में कॉलेज आयुक्तालय से लेकर बार कौंसिंल आफ इंडिया के अधिकारियों से बात कर प्रथम वर्ष में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करवाई थी। इसके बाद 3 दिसंबर 2017 को प्रथम वर्ष में प्रक्रिया शुरू हा़े पाई थी। इसके बाद अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर कोर्स पूरा करवाया था।

इनका कहना है

हर वर्ष अनुमति के लिए इंतजार करना पड़ता है। सरकार कीे लॉ कॉलेज में फैकल्टी बढ़ानी चाहिए। साथ ही सुविधाओं में भी विस्तार करना चाहिए, ताकि बार कौंसिंल समय पर अनुमति दे सके। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई खराब नहीं हो। - वैभव भंडारी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष, लॉ कॉलेज

प्रथम वर्ष में प्रवेश को लेकर जनप्रतिनिधियों से मांग की जाएगी। साथ ही विद्यार्थियों को साथ लेकर मुख्यमंत्री के पाली दौरे के दौरान भी इस मांग उठाई जाएगी, ताकि हर साल बार कौंसिंल की अनुमति को लेकर परेशानी नहीं हो। - महेशसिंह घेनड़ी, छात्रसंघ उपाध्यक्ष, लॉ कॉलेज

हमने अनुमति के लिए पत्र लिखा है। अभी तक अनुमति नहीं मिली है। इसके चलते प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। बार कौंसिंल ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने कॉलेज का निरीक्षण तो कर दिया है। - डॉ. तपन पुरोहित, प्राचार्य लॉ कॉलेज

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