भाजपा सरकार खेलों को बढ़ावा देने की बात तो करती है, लेकिन खिलाड़ियों के पास सुविधाएं पहुंच रही हैं या नहीं, यह देखने वाला कोई नहीं है। जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता होती है तो पदकों में सबसे आगे हरियाणा के खिलाड़ी होते हैं, लेकिन उन्हें सुविधाओं के नाम पर क्या मिलता है, यह अटाली गांव के स्टेडियम में दिखाई दे रहा है। खिलाड़ियों का कहना है कि उनके गांव के खेल मैदान में इन दिनों गोखरू है। इससे अभ्यास करना उन्होंने बंद कर दिया है। खिलाड़ियों के अनुसार फुटबॉल के मैदान की दुर्दशा के बारे में उन्होंने खेल अधिकारी को अवगत कराया, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। आदर्श गांव अटाली स्थित खेल परिसर में बड़ी संख्या में फुटबॉल खिलाड़ी सुबह-शाम अभ्यास करते हैं। इसके साथ ही परिसर में बनाए गए एथलेटिक ट्रैक पर भी गोखरू होने से खिलाड़ियों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार गांव के खिलाड़ी चौधरी भूपेंद्र ने बुसान में आयोजित एशियन गेम्स में रिले दौड़ में पदक हासिल कर देश का नाम रोशन किया था। हाल ही में हरेंद्र चौधरी ने क्रिकेट मैच में अंतर राष्ट्रीय स्तर पर खेलकर देश का नाम रोशन किया। उन्होंने कहा कि खेल परिसर में कुश्ती, कबड्डी, योगा, एथलेटिक, बॉक्सिंग, हॉकी के कोच की नियुक्ति करनी चाहिए। साथ ही खिलाड़ियों के लिए आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएं। ग्रामीण खेल परिसर में सुविधाओं की मांग को लेकर जल्द ही डीसी से मिलेंगे।