अब जाकर टेंडर अलॉट, लिफ्टें लगने में पांच महीने और लगेंगे
पहले इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की ओर से 65 लाख रुपए से ज्यादा का एस्टीमेट तैयार किया था। इसके बाद इस एस्टीमेट को अप्रूव होने के लिए डीजी ऑफिस भेजा गया। लेकिन यह बजट नॉर्म्स के मुताबिक काफी ज्यादा था और एस्टीमेट को अप्रूव भी नहीं किया जा सकता था। इसके बाद इस एस्टीमेट को दोबारा से भेजा गया और इस बार इसी एस्टीमेट को करीब 60 लाख रुपए का दिखाया गया। इसके बाद अब 40 लाख के करीब बजट पास कर दिया गया है।
इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के एक्सईएन पीके सिंगला ने बताया कि पहले तो पॉलिसी के तहत जो भी टेंडर थे वह अलॉट नहीं हो पा रहे थे। इसके बाद टेंडरिंग प्रोसेसिंग में बदलाव आया था और अब जॉनसन एड जॉनसन कंपनी को टेंडर दे दिया गया है। करीब 40 लाख रुपए में टेंडर अलॉट हुआ है और चार पांच महीने में काम हो जाएगा। एक्सईएन, पीके सिंगला