पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेटिक्स ऑफिसर बोले एक कम्प्यूटर ऑपरेटर को काम के बारे में ट्रेनिंग दी थी

डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेटिक्स ऑफिसर बोले-एक कम्प्यूटर ऑपरेटर को काम के बारे में ट्रेनिंग दी थी

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जिले के 58 कम्प्यूटर ऑपरेटर्स की स्ट्राइक दूसरे दिन भी जारी रही। ई-दिशा से लेकर पंचकूला तहसील समेत कालका ई-दिशा व जिले के बाकी तहसीलों व उपतहसीलों में काम ठप रहा। वहीं दिल्ली से आए कुछ लोगों की सेल डीड का काम करवाने खुद डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेटिक्स ऑफिसर (डीआईओ) तहसील में पहुंच गए। डीआईओ सतपाल शर्मा ने मौके पर बैठकर दिल्ली से आई अनीता बंसल के प्लॉट की सेल डीड का काम करवाया। उसके साथ-साथ कई अन्य लोग तहसील ऑफिस के बाहर से बिना काम करवाए वापस चले गए, लेकिन उनका काम किसी ने नहीं किया। डीआईओ सतपाल शर्मा ने बताया कि डीसी के आदेश पर एक कम्प्यूटर ऑपरेटर को ट्रेनिंग देकर उसे काम कैसे किया जाता है, यह सिखाया था ताकि रुके हुए काम को वह कर सके।

ई-दिशा में पांच कम्प्यूटर ऑपरेटरों से चल रहा था काम: सेक्टर 1 के ई-दिशा में मंगलवार को 60 टोकन ही लोगों को दिए गए। ऐसे में कई ऐसे लोग जोकि अपने डॉक्यूमेंट्स ई-दिशा में बनवाने आए थे उनको निराश होकर जाना पड़ा। मंगलवार को ई-दिशा का काम 5 कम्प्यूटर ऑपरर्म्स ने संभाला था, जबकि आम तौर पर करीब 10 कम्प्यूटर ऑपरेटर ई-दिशा में काम करते हैं। डीसी मुकुल कुमार ने बताया कि सभी 58 कम्प्यूटर ऑपरेटर्स को काम पर वापस आने को कहा गया है। अल्टीमेटम दिया गया है कि वे काम पर जल्द से जल्द वापस आ जाएं।

तहसीलों में काम रहा बंद, जिसकी अफसर ने सिफारिश की उसकी सेल डीड जरूर हुई

दो दिन से तहसीलों में काउंटर खाली

दो दिन में 2 करोड़ का नुकसान

जिले के तहसीलों व उपतहसीलों में रोजाना करीब 1 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जेनरेट होता है। इसमें सेल डीडी, लीज डीड सहित कई तरह के काम होते हैं जिसमें सरकार का टैक्स बंधा होता है। ऐसे में इन दो दिनों में प्रशासन को करीब 2 करोड़ रुपए के रेवेन्यू का लॉस हुआ है। जिले में एक दिन में करीब 50 रजिस्ट्रियां होती हैं। इसके अलावा कई अन्य काम भी होते हैं, जो नहीं हुए।

क्या कहना है लोगों का...

मंगलवार को तहसील ऑफिस में बेटे का डोमिसाइल बनवाने पहुंचे सेक्टर 15 निवासी लाल बहादुर ने बताया कि उसे 134ए के तहत बेटे का एडमिशन करवाना है। तहसील में कंप्यूटर ऑपरेटर्स की स्ट्राइक की वजह से डॉक्यूमेंट का काम नहीं हो सका।

सेक्टर 12ए के एसके गोयल ने बताया कि उन्हें तहसील ऑफिस से एक एफिडेविट बनवाना था और उस पर साइन करवाकर उसे कोर्ट में पेश करना था। कंप्यूटर ऑपरेटर्स की हड़ताल के चलते उनका काम नहीं हो सका।

सेक्टर 28 के राजेश कुमार ने बताया कि उसे लर्निंग लाइसेंस बनवाना था। वह सुबह 11 बजे ई-दिशा में पहुंच गया था। उसने जब ई-दिशा में टोकन मांगा तो टोकन नहीं दिया गया। वजह बताई गई कि कंप्यूटर ऑपरेटर्स स्ट्राइक पर हैं।

खबरें और भी हैं...