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लापरवाही से हो रही मौतें

3 वर्ष पहले
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रेलवे ट्रेक के किनारे दीवार बनी होती तो बच सकती थी संदीप की जान

रवीश कुमार झा | पंचकूला raveesh.jha@dbcorp.in

सेक्टर- 19 रेलवे फाटक के नजदीक संदीप ने ट्रेन के आगे आकर सुसाइड कर लिया है। यहां दीवार बनी होती तो शायद यह मौत न होती। निगम ने सेक्टर-19 रेलवे फाटक क्रॉस कर ढकौली की ओर जाने वाली सड़क के किनारे करीब 500 मीटर की दीवार बनानी थी। टेंडर अलॉट होने के बावजूद निगम की ओर से अभी तक दीवार का काम शुरू नहीं करवाया है और उसकी वजह से आए दिन लोग सहित जानवर ट्रेन की चपेट में आकर हादसे के शिकार हो रहे हैं। सेक्टर 19 के लोगों की ओर से सीएम विंडो, ग्रिवांसेज कमेटी से लेकर निगम कमिश्नर के सामने जल्द से जल्द रेलवे लाइन के किनारे दीवार बनाने को लेकर मांग कर चुके हैं लेकिन बनी नहीं।

रेलवे विभाग 5 महीने में भी नहीं बना पाया 500 मीटर की दीवार, कहा- नगर निगम काे नहीं रेलवे की जमीन पर दीवार बनाने की इजाजत

29 दिसंबर को टेंडर हुआ था अलॉट- निगम ने 29 दिसंबर 2017 में करीब 25 लाख का टेंडर आरके गुप्ता एसोसिएट्स को अलॉट किया है। इसमें 6 फुट ऊंची व 8 इंच चौड़ी करीब 500 मीटर तक दीवार बननी थी। 4 महीने में काम पूरा होना था। अप्रैल तो बीत चुका, काम शुरू ही नहीं हुआ है।

क्या कहना है ठेकेदार का: ठेकेदार आरके गुप्ता ने बताया कि टेंडर अलॉटमेंट के हफ्ते बाद जेई के साथ साइट विजिट में पाया कि रेलवे फाटक से ढकौली की ओर जाने वाली सड़क 10 फुट चौड़ी है और करीब 2 से 2.5 फुट जगह है जिस पर दीवार बननी है जो संभव नहीं है। 500 मीटर की दीवार की जगह में ढकौली की साइड से करीब 250 मीटर एरिया में ड्रेनेज बना हुआ है और उसके ऊपर दीवार नहीं बन सकती।

डिमार्केशन के लिए लिखा है रेलवे को: नगर निगम कमिश्नर: निगम कमिश्नर राजेश जोगपाल ने बताया कि बनने वाली यह दीवार रेलवे की जमीन से लगती है। रेलवे को डिमार्केशन के लिए कहा है। इसके बाद पता चलेगा कि निगम के पास कितना एरिया है और काम शुरू करवाया जाएगा।

रेलवे विभाग के मुताबिक निगम रेलवे के एरिया में दीवार नहीं बना सकता। रेलवे 6 फुट लंबी आरसीसी की दीवार बना रहा है। अगस्त तक सेक्टर 19 की साइड फाटक से पहले और बाद में दीवार बन जाएगी।

मार्च 2017 में सीएम विंडो पर दी थी शिकायत

सेक्टर के टीपी सैनी ने बताया कि मार्च 2017 में सेक्टर के लोगों ने रेलवे लाइन पर ट्रेन की चपेट में लोगों व पशुओं के चपेट में आने के बाद सीएम विंडो पर शिकायत दी थी और सीएम से जल्द से जल्द रेलवे लाइन के किनारे दीवार बनाए जाने की मांग की थी। उसके कुछ महीने बाद ग्रिवांसेज कमेटी में इस मामले को शामिल किया था। एस्टीमेट अप्रूव्ड होने के बाद ग्रिवांसेज कमेटी से ड्रॉप कर दिया गया।

सेक्टर के जीएस कुंडु ने बताया कि जनवरी से दीवार का निर्माण कार्य ठेकेदार ने शुरू करना था और मार्च-अप्रैल तक काम कंप्लीट करना था। जिस दीवार का काम टेंडर अलॉट करने के अगले 4 महीने बाद अप्रैल तक कंप्लीट होना था उसका काम मई तक शुरू ही नहीं हुआ और नगर निगम के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। उनकी लापरवाही की वजह से लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं।

सेक्टर- 19 के गंगादत्त तिवारी ने बताया कि फाटक से 100 मीटर की दूरी पर यह हादसा हुआ है और अगर निगम समय रहते दीवार बना देता तो शायद संदीप की जान बच गई होती और दीवार होने से वह ट्रैक पर नहीं पाता। निगम के लापरवाह रवैये से संदीप जैसे कई व्यक्तियों की जान चली गई है। अगर जल्द दीवार नहीं बनती है तो और जानें जाएंगी और इसके लिए कसूरवार निगम व प्रशासन के अधिकारी होंगे।

सेक्टर-19 के ही रामअवतार ने बताया कि दीवार नहीं होने से कई बार शाम को सेक्टर 19 और ढकौली के बच्चे खेलते-खेलते रेलवे ट्रैक की ओर चले जाते हैं। इस लिए भी यहां दीवार होना जरूरी है। हर महीने तकरीबन आधा दर्जन लोग हादसे का शिकार होते हैं और पशु भी ट्रेन की चपेट में आते रहते हैं। मौत का यह खेल तब तक चलेगा जब तक कि यहां दीवार नहीं बनाती।

29 दिसंबर को टेंडर हुआ था अलॉट- निगम ने 29 दिसंबर 2017 में करीब 25 लाख का टेंडर आरके गुप्ता एसोसिएट्स को अलॉट किया है। इसमें 6 फुट ऊंची व 8 इंच चौड़ी करीब 500 मीटर तक दीवार बननी थी। 4 महीने में काम पूरा होना था। अप्रैल तो बीत चुका, काम शुरू ही नहीं हुआ है।

क्या कहना है ठेकेदार का: ठेकेदार आरके गुप्ता ने बताया कि टेंडर अलॉटमेंट के हफ्ते बाद जेई के साथ साइट विजिट में पाया कि रेलवे फाटक से ढकौली की ओर जाने वाली सड़क 10 फुट चौड़ी है और करीब 2 से 2.5 फुट जगह है जिस पर दीवार बननी है जो संभव नहीं है। 500 मीटर की दीवार की जगह में ढकौली की साइड से करीब 250 मीटर एरिया में ड्रेनेज बना हुआ है और उसके ऊपर दीवार नहीं बन सकती।

डिमार्केशन के लिए लिखा है रेलवे को: नगर निगम कमिश्नर: निगम कमिश्नर राजेश जोगपाल ने बताया कि बनने वाली यह दीवार रेलवे की जमीन से लगती है। रेलवे को डिमार्केशन के लिए कहा है। इसके बाद पता चलेगा कि निगम के पास कितना एरिया है और काम शुरू करवाया जाएगा।

रेलवे विभाग के मुताबिक निगम रेलवे के एरिया में दीवार नहीं बना सकता। रेलवे 6 फुट लंबी आरसीसी की दीवार बना रहा है। अगस्त तक सेक्टर 19 की साइड फाटक से पहले और बाद में दीवार बन जाएगी।

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