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स्ट्रे डॉग्स रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर बनाने को तीन करोड़ रुपए का एस्टीमेट भेजा सरकार को
पंचकूला नगर निगम सुखदर्शन पुर गांव में स्ट्रे डॉग्स रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर बनाएगा। इसके लिए एमसी ने तीन करोड़ रुपए का एस्टीमेट तैयार कर हरियाणा गवर्नमेंट की मंजूरी के लिए भेज दिया है। इसमें एक हजार डॉग्स को रखने की व्यवस्था होगी। पहले चरण में 500 डॉग्स को सेंटर में रखने का इंतजाम किया जाएगा। पंचकूला नॉर्थ इंडिया का पहला ऐसा शहर है जिसमें डॉग्स के लिए इस सेंटर को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा।
निगम के पास सुखदर्शन पुर गांव में 21 एकड़ जमीन है। इसमें से तीन एकड़ एरिये में स्ट्रे डॉग्स रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर बनाया जाएगा। शेष एरिये में निगम गौशाला बनाएगा। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज और हरियाणा गवर्नमेंट में कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने 15 जनवरी को सुखदर्शन पुर गांव में गौशाला का नींव पत्थर रखा था।
निगम ने स्ट्रे डॉग्स की समस्या के निदान के लिए स्ट्रे डॉग्स रेस्क्यू एंड रिहेबलिटेशन सेंटर बनाने का निर्णय लिया है। पंचकूला नगर निगम की 14 दिसंबर, 2017 को हुई हाउस मीटिंग में पार्षदों ने सर्वसम्मति से शहर में स्ट्रे डॉग्स रेस्क्यू एंड रीहेबिलिटेशन सेंटर बनाने का प्रस्ताव पारित किया था।
विदेशों में डॉग्स के लिए ऐसे सेंटर हैं, लेकिन भारत में स्ट्रे डॉग्स के लिए बनने वाला यह पहला सेंटर होगा। इसमें कुत्तों के खाने-पीने की व्यवस्था के अलावा उनके लिए डॉक्टर की भी व्यवस्था होगी। सेंटर में 50 कुत्तों के लिए मेडिकल यूनिट भी बनाई जाएगी जिसमें बीमार कुत्तों को रख सकेंगे। सेंटर के लिए 10 लोगों का स्टाफ रखा जाएगा। इनमें दो डॉक्टर, चार कम्पाउंडर, दो स्वीपर कम हेल्पर, एक सुपरवाइजर होंगे। लोगों को काट चुके कुछ हिंसक कुत्तों को अलग रखने की भी व्यवस्था होगी। रीहेबिलिटेशन सेंटर में बुजुर्ग, घायल व लोगों को काटने वाले और रैबीज से पीड़ित कुत्तों को रखा जाएगा। यहां आकर लोग कुत्तों को खाना भी डाल सकेंगे। इन कुत्तों के लिए कॉमन फीडिंग एरिया और कॉमन ड्रिंकिंग एरिया भी बनाया जाएगा। यह सेंटर चलाने में निगम एनजीओ व डॉग लवर्स की मदद लेगा।
एमसी कमिश्नर राजेश जोगपाल का कहना है कि ह्यूमन और एनिमल कनफ्लिक्ट एक आम समस्या है। छेड़ने या मिसबिहेव करने पर कुत्ते आदमी को काट लेते हैं। यह किसी हाल में खत्म नहीं हो सकता लेकिन इसे मैनेज किया जा सकता है। सेंटर में कुत्तों को सोशलाइज करने की भी कोशिश होगी।