बिजली बिलों में 35 लाख का घोटाला, कंपनी के दो इम्प्लाॅइज पर केस दर्ज
पंचकूला में बिजली के बिलों के नाम पर बड़ा घोटाला हुआ है। जिसमें बिजली के बिलों की न तो रीडिंग ली गई और न ही बिलों को उस सिस्टम के जरिए सप्लाई किया गया। यूएचबीवीएन ने जिस हरियाणा एक्स सर्विसमैन लीग को को इस काम पर लगाया था। उसके अधिकारियों ने घर बैठे बैठे ही मीटरों की रीडिंग को अनुमान के हिसाब से भर दिया, जिसके बाद लोगों को बिल कम आता रहा। लेकिन अब जब कुछ माह पहले नई एजेंसी को ठेका दिया गया, तो यहां से असली मीटर रीडिंग को लिया गया। जिसके बाद लोगों के लाखों के बिल भी बने और इस घोटाले से पर्दा भी उठा गया। जिसके बाद सामने आया, कि पंचकूला के कुछ एरिया से करीब 35 लाख रुपए का घाटा पहुंचाया गया है।
जिसके बाद मामलों की उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम की ओर से पंचकूला पुलिस को दी गई। जिसके बाद मामला दर्ज किया गया है। जिसके बाद अब दो अधिकारियों को गिरफ्तार करने के लिए कहा गया है। जिसमें पुलिस दो अधिकारियों की तलाश कर रही है।
यूएचबीवीएन की शिकायत पर दर्ज किया गया मामला, घोटाले से निगम को हुआ नुकसान
राजीव कॉलोनी में जाते ही नहीं थे मीटरों की रीडिंग लेने
ये किया गया था कॉन्ट्रेक्ट, जिसमें किया गया धोखा
असल में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम की ओर से हरियाणा एक्स सर्विसमैन लीग को इस काम के लिए ठेका दिया गया था। जिसमें एक एरिया सेक्टर-17 का था, जिसमें राजीव काॅलोनी को भी शामिल किया गया था। जिसमें यहां बिजली के बिलों को सप्लाई करना और उसके बाद यहां मीटरों की रीडिंग को लेना तय किया गया था। रीडिंग के हिसाब से ही बिलों को तय किया जाता था। इस तरह पंचकूला के लिए वर्ष 2007 में इस बारे में ठेका दिया गया था। जिसके बाद ये ठेका सितंबर 2017 में खत्म हो गया था।
ऐसे दिया गया घोटाले काे अंजाम... असल में यहां जिन लोगों को बिलों को बनाने के लिए लगाया गया था। वो यहां काॅलोनी या सेक्टर के एरिया में जाते ही नहीं थे। जिसके चलते वो यहां बिलों की सप्लाई करने के लिए ही जाते थे, वो भी यहां किसी एक को बिल देकर बंटवा देते थे। इन लोगों की ओर से यहां रीडिंग को नोट करने के बजाय अपने ही घर से रीडिंग को अपने अनुमान के तहत भर दिया। जिसके बाद लोगों के कम ही बिल आते थे, क्योंकि जितनी बिजली उन लोगों ने खर्च की है, उसका सही ब्यौरा तो होता ही नहीं था।
नई एजेंसी को नहीं सौंपी थी पुरानी रीडिंग, तो भेजने शुरू किए ज्यादा बिल
इस दौरान यहां सितंबर, 2017 के बाद जब नई एजेंसी को ठेका दिया गया, तो सामने आया, कि यहां तो मीटरों की जो रीडिंग पहले नोट की गई थी, वो तो है ही नहीं। वहीं एक दम से ज्यादा रीडिंग सामने आई। जिसके चलते रीडिंग के हिसाब से ही यहां बिल भी लोगों के लाखों रुपए में आए थे। जिसके बाद यहां पंचकूला के लोगों ने जगह-जगह शिकायतें दी और उसके साथ-साथ पंचकूला के एमएलए को भी ज्ञापन दिया गया। जिसमें लोगों ने यूएचबीवीएन पर ही सारे मामले की ठीकरा फोड़ा था।
इन दो आरोपी कर्मचारियों पर कार्रवाई
इसकेे बाद बिजली वितरण निगम की ओर से इंक्वायरी कमेटी बिठाई गई। इसमें सामने आया कि यहां तो इस एरिया में कोई गया ही नहीं हैं। ऐसे मे एजेंसी ने बिना काम के रुपए लिए हैं। वहीं उसके साथ गलत बिलों के कारण निगम को 35 लाख रुपए को नुकसान हुआ है। जिसके चलते हरियाणा एक्स सर्विसमैन लीग से प्रवीण कुमार, कुलबीर सिंह के खिलाफ सेक्टर-14 पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। जिसमें इन लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी, 406, 420 के तहत मामला दर्ज किया गया है।