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बच्चों से कहा-एक्टिविटी प्रोग्राम है, टी शर्ट-कैप मिलेगी सुबह जल्दी अाना, लेकिन करवाई सफाई

3 वर्ष पहले
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रवीश कुमार झा | पंचकूला raveesh.jha@dbcorp.in

बच्चों से कम्युनिटी सर्विस के नाम पर काम करवाने के मामले में हरियाणा सरकार का एक नया मामला सामने आया है। दरअसल अगले 18 दिनों तक करीब ढ़ाई हजार स्कूली बच्चों से हरियाणा सरकार के इन्वायर्नमेंट डिपार्टमेंट और एजुकेशन डिपार्टमेंट की ओर से बच्चों से घग्गर नदी व उसके आसपास प्लास्टिक वेस्ट की सफाई करवाई जा रही है। इसके तहत 120 स्कूली बच्चों से रोजाना सुबह 6.30 बजे से लेकर 9.30 तक सफाई करवाई जा रही है। बुधवार को भी सेक्टर गवर्नमेंट सीनियर सेकंडरी स्कूल के बच्चों की ओर से घग्गर नदी ओर उसके आसपास के एरिया की सफाई करवाई गई। हैरानी की बात यह है कि इस मामले में ना ही जिला प्रशासन की ओर से कोई संज्ञान लिया जा रहा और ना ही शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों की ओर से कार्रवाई की जा रही है। शहर की एसोसिएशन्स ने मामले में पहल करते हुए सीएम, इंडस्ट्रीज मिनिस्टर, एजुकेशन मिनिस्टर, डीसी व डीईओ से ई-मेल के माध्यम से शिकायत करते हुए बच्चों से लिए जा रहे काम रोकने को कहा गया है। वहीं, पेरेंट्स की ओर से भी मामले में स्कूल व शिक्षा विभाग के प्रति नाराजगी जताई जा रही है कि वह स्कूल में बच्चों को पढ़ाई के लिए भेजते हैं ना कि नदी की सफाई करने के लिए। 8 सरकारी और 11 प्राइवेट स्कूलों के बच्चों को किया शामिल।

मेरा बेटा पढ़ने जाएगा न कि घग्गर की सफाई करने: सेक्टर- 11 की नीरज ने बताया कि उसका बेटा व उसकी बेटी सेक्टर-6 गवर्नमेंट सीनियर सेकंडरी स्कूल में पढ़ते हैं। उनका बेटा नौंवी क्लास में पढ़ता है। नीरज ने बताया कि उसके बेटे हर्ष को स्कूल में वीरवार की सुबह 6.30 बजे बुलाया गया है। स्कूल की ओर से उसे सिर्फ एक्टिविटी में हिस्सा लेने की बात कहकर टी-शर्ट व टोपी दिए जाने की बात बताई गई। स्कूल की ओर से घग्गर नदी में सफाई करने के बारे में कुछ भी नहीं बताया गया है। मैं तो अपने बच्चों को स्कूल में नहीं जाने दूंगी। मेरा बेटा पढ़ने जाएगा न कि घग्गर नदी की सफाई करने के लिए। अगर वहां कुछ हो गया तो जिम्मेदारी कौन लेगा।

8 मई को हुई थी मीटिंग: 8 मई को हरियाणा के डिपार्टमेंट ऑफ एन्वायर्नमेंट एंड क्लाइमेट चेंज की ओर से मीटिंग वर्ल्ड एन्वायर्नमेंट डे को लेकर एन्वायर्नमेंट मिनिस्टर की चेयरमैन शिप में मीटिंग बुलाई थी। मीटिंग में घग्गर नदी को प्लास्टिक पॉल्यूशन से बचाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत डीईओ पंचकूला की डिपार्टमेंट की ओर से लेटर लिखकर 19 दिनों तक घग्गर नदी की सफाई करने के लिए ड्राइव चलाने को कहा गया। साथ ही डिपार्टमेंट की ओर से 19 दिनों के लिए उन स्कूलों की लिस्ट मांगी गई थी जिनके बच्चे रोजाना सफाई करते। डीईओ ने 14 मई को एन्वायर्नमेंट डिपार्टमेंट को लेटर लिखकर शहर के 19 स्कूलों की लिस्ट भेज दी। जिसमें 8 सरकारी व 11 निजी स्कूलों को शामिल किया गया था। इन सभी स्कूलों के 120-120 बच्चों को 16 मई से लेकर 3 जून तक घग्गर नदी की सफाई करनी है।

जिले में है 50 से ज्यादा एनजीओ व संस्थाओं को शामिल करें : एसोसिएशन

पंचकूला सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से सीएम, इंडस्ट्रीज मिनिस्टर, एजुकेशन मिनिस्टर, डीसी और डीईओ को ई-मेल के जरिए शिकायत दी गई है। एसोसिएशन के प्रधान एसके नैय्यर ने बताया कि जब शहर में सफाई के लिए नगर निगम के पास 900 से ज्यादा सफाई कर्मी हैं तो फिर स्कूली बच्चों से क्यों सफाई करवाई जा रही है। वर्ल्ड एन्वायर्नमेंट डे के मौके पर जो रिवार्ड या सम्मान स्कूली बच्चों को दिए जाने की प्लानिंग है। वह शहर के सफाई कर्मियों को दिए जाएं ताकि वह और बेहतर ढंग से काम कर सकें। इसके लिए एन्वायर्नमेंट डिपार्टमेंट की ओर से खर्च किए जा रहे फंड को सफाई कर्मियों के वेलफेयर पर खर्च किया जाना चाहिए। इसके साथ ही इसमें जिले में मौजूद 50 से ज्यादा एनजीओ व संस्थाओं को शामिल करना चाहिए।

Ãचंडीगढ़ कॉलेज के रिटायर्ड प्रिंसिपल पीएस सांगा ने बताया कि हाल ही में एक सरकारी स्कूल में बच्चों से ईंटें उठवाए जाने के मामले में स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया था। ऐसे में इस केस में भी घग्गर नदी में बच्चों से कम्युनिटी सर्विस के नाम पर काम करवाया जा रहा है। वैसे भी घग्गर नदी में धारा 144 लागू होती है। अचानक यदि नदी में पानी तेज आ गया तो बच्चों की जान जोखिम में पड़ सकती है। एन्वायर्नमेंट डिपार्टमेंट व एजुकेशन डिपार्टमेंट का यह फैसला बिल्कुल गलत है। सफाई का काम नगर निगम के सफाई कर्मियों, एनजीओ और संस्थाओं से करवाया जाना चाहिए।

पीएस सांगा

Ãडीईओ हरमिंदर सिंह सैनी ने बताया कि मुझे डायरेक्टर एन्वायर्नमेंट एंड क्लाइमेंट चेंज से लेटर आया था कि 16 मई से 3 जून तक अलग-अलग स्कूलों के बच्चों से घग्गर नदी के प्लास्टिक वेस्ट की सफाई करवाई जाए। इसके लिए सभी स्कूलों की लिस्ट मुहैया करवाने को कहा था। मैंने निर्देश के तहत स्कूलों की लिस्ट भेज दी।



Ãस्टेट इन्वायर्नमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन भारत भूषण ने बताया कि बच्चों से काम लिए जाने के पीछे क्या कारण हैं। इसके लिए मैं डायरेक्टर एन्वायर्नमेंट एंड क्लाइमेट चेंज से बात करूंगा। बच्चे खुद अगर एज-ए वालंटियर्स काम करें फिर कोई दिक्कत नहीं है लेकिन इसके लिए निर्देश नहीं जारी करना चाहिए। आपको बता दें कि डायरेक्टर एन्वायर्नमेंट एंड क्लाइमेट चेंज ही स्टेट इन्वायर्नमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी के सचिव होते हैं।

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