निगम केे लाखों के पेड़ बेचे, 6 महीने बाद केस दर्ज
वैसे तो आए दिन पंचकूला नगर निगम की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो गए हैं, लेकिन अब निगम से जुड़ा एक ओर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इसमें निगम की जमीन से कई लाखों रुपए के पेड़ काटे गए और बेच दिए गए। बड़ी बात है, कि निगम को न तो अपनी जमीन की सुध थी और न ही पेड़ों की, लेकिन जब किसी ने निगम को इस बारे में बताया, तो पुलिस ने भी मामला दर्ज करवाने में ही 6 महीने लगा दिए। जिसके सबूत के तौर पर वीडियो और फोटो हैं, जिसमें पंचकूला पुलिस की टीम मौके पर जांच भी कर रही है। उसके बाद भी पंचकूला पुलिस के कहने पर मामला दर्ज नहीं हुआ था।
क्योंकि नीचे के अधिकारियों के पास सुनवाई ही नहीं हुई। पंचकूला निगम के दायरे में वो पंचायती जमीनें भी आती हैं, जो निगम एरिया से पहले गांवों के इस्तेमाल में आती थी। लेकिन यहां कोट गांव की जमीन पर पेड़ों को लगवा दिया गया था। इसके बाद यहां तीन लोगों ने मिलीभगत कर इन पेड़ों को काटा है। जिसके चलते चंडीमंदिर पुलिस थाने में मनीषा रानी, अजय गर्ग और लवकेश के खिलाफ आईपीसी की धारा 379 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
शिकायत देकर निपटाई थी निगम ने अपनी जिम्मेदारी: असल में 11 दिसंबर, 2017 को यहां गांव कोट मे नगर निगम पंचकुला की जमीन से सफेदे के पेड़ों को काटा जा रहा था। जिसके चलते नगर निगम की जमीन खसरा नंबर 121/18 पर ये काम किया जा रहा था। इसके लिए निगम से कोई परमिशन भी नहीं ली गई थी। जिसके चलते सेक्टर4 में रहने वाले बलबीर चन्द निगम के अधिकारियों को इस बारे में बताया और शिकायत भी दी। जिसमें बताया गया, कि यहां निगम के सफेदे के पेडो को मनीषा रानी, अजय गर्ग, लवकेश कटव रहे हैं।