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खट्‌टर ने निगम से कहा- गांवों में नहीं हो रही सड़कों की मेंटेनेंस, पानी भी नहीं

3 वर्ष पहले
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने नगर निगम एरिया में आने वाले गांवों में मूलभूत सुविधाओं की कमी पर एतराज जताया है। पंचकूला नगर निगम को इन गांवों में जल्द से जल्द सड़कों की मेनटेनेंस के साथ अन्य मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं। रूरल एरिया की डेवलपमेंट के लिए फंड की जरूरत होने पर एमसी 23 अप्रैल तक प्रस्ताव व एस्टीमेट बनाकर मंजूरी के लिए अर्बन लोकल बॉडीज डिपार्टमेंट को भेज सकता है।

अर्बन लोकल बॉडीज डिपार्टमेंट के अफसरों की 5 अप्रैल को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर की अध्यक्षता में मीटिंग हुई थी। इसमें रूरल एरिया में डेवलपमेंट की रफ्तार धीमी होने पर भी चर्चा हुई। सरकार को रूरल एरियाज से लगातार समस्याओं की भरमार होने की शिकायतें मिलती रहती है। सीएम ने इस गंभीरता से लेते हुए नगर निगम को गांवों की डेवलपमेंट पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।

मार्च, 2010 में 42 गांवों में पंचकूला नगर निगम में शामिल किया गया था। एमसी एरिये में शामिल होने के बाद इन गांवों में रहने वाले लोगों को भी अर्बन एरिये की तरह मुलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए।

इन गांवों में लोगों को आज भी मुलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। हालत यह है कि इन गांवों में बनी पुरानी सड़कों से पैदल तक गुजरना मुश्किल हो जाता है। इसके अलवा अभी तक पीने के पानी की भी उचित व्यवस्था भी नहीं हो पाई है। कुछ गांवों में आज भी लोग मटकों या अन्य बर्तनों में पानी भरकर लाते हैं। इन गांवों में सीवरेज तक की व्यवस्था नहीं है।

निगम ने बीते साढ़े चार साल के कार्यकाल में डेवलपमेंट वर्क्स पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इनमें से लगभग 120 करोड़ रुपये पंचकूला के अर्बन एरिये में भी खर्च किए गए हैं। पंचकूला के रुरल एरिये में 23 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। पिंजौर अर्बन एरिया में 16 करोड़ और कालका अर्बन एरिये में 26 करोड़ रुपए खर्च किए गए। पिंजौर के रूरल एरिये में केवल 10 करोड़ और कालका रूरल एरिये में केवल 5 करोड़ रुपए ही खर्च किए गए हैं।

ये कैसा विकास...
पंचकूला के रूरल एरिया में 23 करोड़, पिंजौर अर्बन एरिया में 16 करोड़ और कालका अर्बन एरिया में 26 करोड़ रुपए खर्च किए गए, फिर भी नहीं सुधरे हालात
14 गांवों में बनेगा एसटीपी...
अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत) योजना के तहत नगर निगम पंचकूला के अंतर्गत पड़ने वाले 14 गावों में एसटीपी बनवाने जा रहा है। इनमें से चार गांव कालका में आते हैं। इन एसटीपी के निर्माण पर 42 करोड़ 7 लाख रुपए खर्च होंगे। रामगढ़ गांव में 10426 मीटर, टोका में 2805 मीटर, खंगेसरा में 3800, जलौली में 3442, नग्गल में 3405 मीटर, अलीपुर में 4015 मीटर, खटौली में 9651 मीटर, कोट में 4999 मीटर, सकेतड़ी में 7784 मीटर सीवर लाइन डाली जाएगी। इसके अलावा बिल्ला, मट्‌टावाली, भानू में 6100, सुखदर्शन पुर में 3941 मीटर सीवर लाइन भी डाली जानी है। कालका विधानसभा क्षेत्र में पड़ने वाले बिटना, कांगूवाल, टिपरा, भैरों की सैर में ट्रीटमेंट प्लांट है। सीवरेज लाइन बिछाकर सीवरेज को इस ट्रीटमेंट प्लांट में डाला जाएगा। कुल 87 किलोमीटर पाइपलाइन डालकर इन गांवों में सीवरेज की व्यवस्था की जाएगी। बिल्ला में 600 केएलडी, कोट में 750, टोका, खंगेसरा में 360-360 केएलडी, सुखदर्शन पुर में 720 केएलडी, खटौली में 690 केएलडी, नग्गल व अलीपुर में 460-460 केएलडी के एसटीपी प्लांट लगेंगे।

गांवों में पीने के पानी के लिए काम शुरू किया: निगम कमिश्नर

पंचकूला नगर निगम के कमिश्नर राजेश जोगपाल का कहना है कि नगर निगम के अंतर्गत पड़ने वाले गावों में पीने के पानी की परियोजना पर भी कार्य शुरू कर दिया गया है। गांव रामगढ़, बिल्ला, कोट, खंगेसरा, सुखदर्शन पुर, खटौली, नग्गल, अलीपुर, जलौली, टोका, कांगूवाल, बिटना, टिपरा, भैरों की सैर में पीने के पानी की व्यवस्था की जाएगी। अभी इन गांवों में ट्यूबवेल से पानी की सप्लाई होती है। ये ट्यूबवैल आठ घंटे चलते हैं जिन्हें बढ़ाकर 16 घंटे चलाया जाएगा। अभी 55 एलपीसीडी की सर्विस लेवल है जिसे बढ़ाकर 135 एलपीसीडी किया जाएगा। एमसी एरिया में आने वाले गांवों को अर्बन नॉर्म्स के आधार पर पानी दिया जाएगा। ये काम 2019 के अंत तक पूरे कर लिए जाएंगे।

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