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रिटायरमेंट के बाद पीएफ का पैसा नहीं दिया तो फोरम ने लगाया 10 हजार का जुर्माना

3 वर्ष पहले
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आप रिटायर होने वाले हैं या फिर ऑफिस में पीएफ कटता है तो जांच करवा लें ताकि पीएफ का पैसा किसी और के अकाउंट में तो नहीं डाला जा रहा। कुछ ऐसा ही 59 साल के बलबीर सिंह लूथरा के साथ हुआ। बलबीर इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 के हरकल्याण बाइंडर्स एंड प्रिंटर्स में काम करते थे। उनकी ज्वाइनिंग 30 जुलाई 1982 की थी और फरवरी 2018 में वह रिटायर हुए थे। उनके ईपीएफ नंबर में इम्प्लॉयी व इम्प्लॉयर की ओर से जमा राशि का ब्यौरा असिस्टेंट प्रोविडेंट फंड कमिश्नर करनाल की ओर से चढ़ाया जा रहा था। कंज्यूमर की शिकायत के मुताबिक उनके ईपीएफ नंबर अकाउंट में 1982 से 2004 तक की पीएफ की राशि रिकॉर्ड में चढ़ाई, लेकिन उसके बाद से लेकर रिटायरमेंट तक कोई राशि रिकॉर्ड में नहीं चढ़ाई। बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पर भी सुनवाई नहीं हुई तो हारकर कंज्यूमर ने करनाल के रीजनल प्रोविडेंट फंड कमिश्नर, इम्प्लॉयी प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन, हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के मैनेजिंग डायरेक्टर, हरियाणा शेड्यूल्ड कास्ट चंडीगढ़ फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन व हरकल्याणा बाइंडर्स एंड प्रिंटर्स के खिलाफ कंज्यूमर फोरम में शिकायत दी। फोरम के प्रधान धर्मपाल व सदस्य जगमोहन सिंह की बेंच ने मामले में फैसला सुनाया।

दो अलग कर्मचारियों के ईपीएफ अकाउंट्स में जमा कराया पैसा

कंज्यूमर की शिकायत पर करनाल एपीएफसी ऑफिस की ओर से मामले की जांच शुरू की गई। इसमें कंज्यूमर के ईपीएफ नंबर के बजाय दो अलग-अलग कर्मचारियों के ईपीएफ अकाउंट्स में कंज्यूमर का पैसा जमा किया जा रहा था। प्रोसिडिंग के मुताबिक 2004-05 से 2008-09 तक कंज्यूमर के ईपीएफ का पैसा बलबीर सिंह ठाकुर के ईपीएफ अकाउंट नंबर में पैसा जमा किया जा रहा था। 2009-10 से 2015-16 तक कंज्यूमर के ईपीएफ का पैसा जितेंद्र जीत सिंह के ईपीएफ अकाउंट नंबर में जमा किया जा रहा था।

कंज्यूमर फोरम ने यह सुनाया फैसला...

कंज्यूमर फोरम ने कंज्यूमर का बकाया ईपीएफ का पैसा जल्द रीलिज करने को कहा है। साथ ही फोरम ने रिटायरमेंट से लेकर अब तक कंज्यूमर की सैलरी से काटा गया पैसा 9 प्रतिशत ब्याज दर के साथ लौटाने को कहा। मानसिक व शारीरिक तौर पर परेशान करने के लिए 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। मुकदमा राशि के तहत भी 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।

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