पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • सरकार से सस्ती जमीन लेकर हाउसिंग सोसाइटीज में परिवार के सदस्यों को दिए फ्लैट्स

सरकार से सस्ती जमीन लेकर हाउसिंग सोसाइटीज में परिवार के सदस्यों को दिए फ्लैट्स

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पंचकूला शहर में ग्रुप हाउसिंग सोसाइटीज में मल्टीपल फ्लैट घोटाला सामने आया है। एक आरटीआई एक्टीविस्ट संजीव शर्मा निवासी सेक्टर-20 पंचकूला द्वारा आरटीआई में ली गई सूचनाओं से पता चला है कि पंचकूला में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) से सस्ती जमीन लेकर ग्रुप हाउसिंग सोसाइटीज के फ्लैट्स पर एक व्यक्ति राकेश शर्मा के परिवार के सदस्यों द्वारा कई फ्लैट लिए जा चुके हैं। साथ ही फर्जी सदस्य बनाकर फ्लैट्स को ऊंचे दामों पर बेचकर हरियाणा सरकार को लगभग 50 से 60 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया है। संजीव शर्मा ने बताया कि उनके द्वारा आरटीआई में द सौरभ कॉपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसायटी लि. सेक्टर 20, द सारु कॉपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसायटी लि. पंचकूला और द वीआरएस कॉपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसायटी लि./ड्रीम हाउस कॉपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसायटी पंचकूला एमडीसी के सदस्यों की सूचना एवं एल फार्म मांगे थे। इन सभी सोसायटियों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के क्लर्क राकेश शर्मा, उनकी प|ी सविता शर्मा और पिता टीएन शर्मा, भाई महेंद्र, ससुर छज्जूराम, जीजा एनसी तिवारी सदस्य हैं। आरटीआई के अनुसार इसी तरह बीआर आहूजा, दर्शना आहूजा और सचिन आहूजा सदस्य हैं। वीके जसूजा, उसकी प|ी नरेश जसूजा व बेटी मनीषा जसूजा सदस्य हैं। राकेश शर्मा द्वारा इन सोसायटियों में एसबीआई के ही चपड़ासियों को फर्जी सदस्य बनाया गया, जिनका वेतन मात्र 2 से 3 हजार रुपए है और वह तो कभी फ्लैट लेने की भी नहीं सोच सकते। राकेश शर्मा द्वारा इन सोसायटियों में पहले फर्जी सदस्य बनाकर बाद में उनके फ्लैटों को 70 लाख से एक करोड़ रुपए के बीच बेच दिया गया। वहीं, राकेश शर्मा ने कहा कि मुझ पर लगाए आरोप निराधार हैं। पुरानी रंजिश के चलते मुझ पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। राकेश शर्मा ने कहा कि मैं आज के समय में एक ही सोसायटी का सदस्य हूं।

नियमों का उल्लंघन

ग्रुप हाउसिंग सोसायटी के नियमों में साफ है कि पूरे हरियाणा में एक सोसायटी में केवल वही सदस्य बन सकता है, जिसके पास कोई मकान या फ्लैट न हो। एक व्यक्ति एक ही बार ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में फ्लैट ले सकता है और उसके परिवार का कोई भी सदस्य ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में सदस्य नहीं बन सकता। राकेश शर्मा ने सभी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए न केवल तीन ग्रुप हाउसिंग सोसाइटीज में खुद सदस्यता ली, बल्कि अपनी प|ी, पिता, भाई, ससुर को भी फ्लैट दिलवाए। साथ ही बैंक के चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को डमी मेंबर बनाकर उनके शेयरों को बेचकर करोड़ों रुपए अपनी जेब में डाल लिए।

इस संबध कॉपरेटिव सोसायटी के अस्सिटेंट रजिस्ट्रार यशपाल दहिया ने कहा कि कानूनी तौर पर एक सोसायटी में एक परिवार का एक ही मेंबर बन सकता है। यदि किसी ने भी कानून की अवहेलना की है, तो उस पर अवश्य कार्रवाई होगी। मेरे संज्ञान में यह मामला आया है, जिस पर जांच की जाएगी। यशपाल दहिया, अस्सिटेंट रजिस्ट्रार, कॉपरेटिव सोसायटी

खबरें और भी हैं...