स्ट्रेस दूर करना है ताे जिंदगी में खुशियों का लेवल बढ़ाएं
एक रिजल्ट को ही टॉप पर लाने से नहीं, बल्कि बच्चों में अनुशासन और उनका होमवर्क पूरा नहीं होने से भी टीचर्स सबसे ज्यादा स्ट्रेस में हैं। बच्चों पर जब पूरा कंट्रोल नहीं होता और एक ही बात कई बार बच्चों कोे बोलने के बाद भी अगर बात नहीं मानी जाती तो टीचर्स गुस्से में हो जाता है। यही कारण है कि टीचरों में पहले से ज्यादा अब स्ट्रेस लेवल ज्यादा हो गया है। यही स्ट्रेस अगर एक्सट्री लेवल पर हो जाए तो इसे 15 सिगरेट पीने के बराबर है।
दरअसल एक हॉस्पिटल की ओर से गुरुकुल ग्लोबल स्कूल में टीचरों के लिए वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इसमें ट्रेनर ग्लोरी के. सिंह ने टीचर्स की लाइफ में स्ट्रेस के बढ़ते लेवल के बारे में बात की और उन्हें सुझाव दिया कि स्ट्रेस को दूर करने के लिए अपनी जिंदगी में खुशियों का लेवल बढ़ाएं। ग्लोरी ने बताया कि स्ट्रेस अगर ज्यादा समय तक बना रहता है तो ये हमारे शरीर में लगभग हर हिस्से को परेशान करता है। यह आपकी इम्यून सिस्टम को दबा सकता है। आपके डायजेशन और रीप्रोडक्शन सिस्टम को परेशान कर सकता है। ग्लोरी ने बताया कि दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा भी स्ट्रेस से बढ़ सकता है। अगर अापको स्ट्रेस ज्यादा है तो उम्र बढने में भी तेजी होती है।
नेगिटीविटी छोड़ पॉजिटिविटी पर करें फोकस : ग्लोरी के. सिंह ने बताया कि अगर अगर स्ट्रेस ज्यादा है तो हर नेगिटीविटी को इग्नोर किया जाए।
दोस्तों और परिवार के सदस्यों का एक मजबूत नेटवर्क स्ट्रेस के खिलाफ एक ढ़ाल का काम करता है। अगर हमें अपने में विश्वास है और चुनौतियों का सामना करने की हमारी क्षमता स्ट्रेस को दूर करने में मदद कर सकती है। जीवन और इसकी निरंतर और चुनौतियों के प्रति हमारा दृष्टिकोण स्ट्रेस को संभालने की हमारी क्षमता में एक बड़ा अंतर पैदा करता है।